Uttar Pradesh News: लखनऊ के प्रसिद्ध किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) से लापरवाही का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां के सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अभिजीत चन्द्रा पर लगे आरोपों की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। लखनऊ के मंडलायुक्त (कमिश्नर) विजय विश्वास पंत को पूरे मामले की कमान सौंपी गई है।
जूनियर डॉक्टरों से ऑपरेशन कराने का गंभीर आरोप
यह पूरा विवाद लखनऊ के ही रहने वाले पीड़ित मरीज राजकुमार सिंह की शिकायत के बाद शुरू हुआ। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उनकी आंतों की गंभीर बीमारी का ऑपरेशन खुद प्रोफेसर अभिजीत चन्द्रा को करना था। इसके विपरीत, वरिष्ठ डॉक्टर ने खुद ऑपरेशन न करके अपने जूनियर डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दिया।
लापरवाही से कटी आंत, बाल-बाल बची जान
पीड़ित का आरोप है कि जूनियर डॉक्टरों की इस कथित लापरवाही के कारण ऑपरेशन के दौरान उनकी आंत कट गई। इस बड़ी चूक के बाद मरीज की हालत बेहद नाजुक हो गई थी और किसी तरह डॉक्टरों ने उनकी जान बचाई। पीड़ित ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की थी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव का कड़ा कदम
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन में आ गया है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंडलायुक्त को पूरे मामले की जांच सौंप दी है। उन्होंने कमिश्नर को अगले 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं।
अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मरीज द्वारा लगाए गए आरोप बेहद संवेदनशील और गंभीर प्रकृति के हैं। इसीलिए इसकी निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। मंडलायुक्त की रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी और प्रशासनिक निर्णय लिया जाएगा।
Author: Harikarishan Sharma

