Price Hike News: मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर अब सीधे शहर के बाजारों और आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, शिपिंग रूट्स पर बढ़ते खतरे और डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से आयात महंगा हो गया है। प्लास्टिक, तेल, गैस, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर खाने-पीने की चीजों तक हर जगह दामों में बढ़ोतरी हुई है। लोग अब जरूरत की चीजें ही खरीद रहे हैं और खर्चों पर सख्ती कर रहे हैं।
प्लास्टिक और क्रॉकरी 10 से 60 फीसदी तक महंगी
प्लास्टिक और क्रॉकरीके दामों में 10 से 60 फीसदी तक का उछाल आया है। पहले 100 रुपये की बाल्टी अब 140 रुपये में मिल रही है। 120 रुपये का डिस्पोजेबल प्लेट पैक 160 रुपये तक पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से प्लास्टिक रॉ मटेरियल जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और पीवीसी महंगे हो गए हैं। खाड़ी क्षेत्र से आने वाले शिपमेंट पर इंश्योरेंस और फ्रेट चार्ज भी बढ़ गया है। दुकानों पर लोग अब कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।
पेंट-थिनर से लेकर स्टील फर्नीचर तक महंगा
पेंट और थिनर केदाम 8 से 15 फीसदी तक बढ़ गए हैं। 3200 रुपये की पेंट बाल्टी अब 3600 रुपये और 90 रुपये का थिनर 120 रुपये का हो गया है। स्टील फर्नीचर भी 10 से 15 फीसदी महंगा हुआ है। 8000 रुपये की अलमारी अब 9200 रुपये और 2500 रुपये की टेबल 3000 रुपये में मिल रही है। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ी है, जिसका असर कीमतों पर पड़ा है।
रसोई से लेकर रेस्टोरेंट तक बढ़ा खर्च
रिफाइंड ऑयल और घीके दाम 10 से 15 रुपये प्रति लीटर बढ़ गए हैं। सोयाबीन ऑयल 130 से 145 रुपये और पाम ऑयल 110 से 125 रुपये लीटर हो गया है। एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। घरेलू गैस सिलेंडर करीब 70 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर करीब 170 रुपये महंगा हो गया है। रेस्टोरेंट में खाने के दाम 10 से 15 फीसदी बढ़ गए हैं। 80 रुपये की दाल अब 100 रुपये और 120 रुपये की थाली 150 रुपये तक पहुंच गई है।
मिठाई-ड्राई फ्रूट्स के दामों में उछाल
मिठाई और ड्राई फ्रूट्स 10 से15 फीसदी महंगे हो गए हैं। काजू 900 से 1100 रुपये किलो और बादाम 700 से 850 रुपये किलो तक पहुंच गया है। आयात महंगा होने और शिपिंग लागत बढ़ने से ड्राई फ्रूट्स की कीमतें बढ़ी हैं। वहीं घी और दूध महंगा होने से मिठाई की लागत भी बढ़ गई है। ग्राहक अब कम मात्रा में ही खरीदारी कर रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स 10 से 50 फीसदी महंगे
इलेक्ट्रॉनिक्स सामान केदाम 10 से 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं। 15000 रुपये का टीवी अब 18000 रुपये और 25000 रुपये का फ्रिज 28000 रुपये में मिल रहा है। आयातित चिप्स और पार्ट्स की सप्लाई प्रभावित होने और डॉलर मजबूत होने से लागत बढ़ी है। लोग अब इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने में देरी कर रहे हैं और सिर्फ जरूरी सामान ही ले रहे हैं।
आम आदमी का मासिक खर्च 30 फीसदी बढ़ा
हर सेक्टर मेंबढ़ती कीमतों का असर आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिख रहा है। पहले 5000 रुपये में पूरा होने वाला मासिक खर्च अब 6500 रुपये तक पहुंच गया है। यानी करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। लोग अब गैर-जरूरी खर्चों में कटौती कर रहे हैं और बजट को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं। बाजार में खरीदारी का पैटर्न भी बदल गया है।


