Delhi News: भारतीय रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली है। रेलवे ने नियमों को और ज्यादा कड़ा करते हुए जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया है। यह नया और सख्त नियम 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होने जा रहा है।
नए प्रावधानों के तहत नियमों की अनदेखी करने वालों को अब पहले के मुकाबले दोगुना जुर्माना भरना पड़ेगा। आरपीएफ इंस्पेक्टर सुजीत कुमार यादव ने यात्रियों को सचेत करते हुए बताया कि यह कदम रेलवे राजस्व की सुरक्षा, नियमों का पालन कराने और अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अब नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभाग की सख्ती काफी बढ़ जाएगी। नए आदेश के तहत नियम तोड़ने के मामलों में सीधे मुकदमा दर्ज नहीं होगा। रेलवे सबसे पहले संबंधित व्यक्ति पर पेनल्टी लगाएगा। यदि यात्री वह जुर्माना नहीं चुकाता है, तभी मामला कोर्ट तक पहुंचेगा।
रेलवे अधिनियम की धाराओं में बड़ा संशोधन
सरकार ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 और 138 में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत बिना टिकट, बिना वैध पास या तय दूरी से अधिक यात्रा करते पकड़े जाने पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर सीधे 500 रुपये कर दिया गया है।
रेलवे अधिनियम की धारा 137 के तहत जानबूझकर बिना टिकट सफर करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। हालांकि अधिकतम छह महीने की जेल या एक हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों की सजा का पुराना प्रावधान जारी रहेगा। इसके साथ ही यात्रा का वास्तविक किराया और अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जाएगा।
यदि कोई यात्री टिकट में तय दूरी से आगे सफर करता है, तो उस पर भी अब न्यूनतम 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगेगा। पहले यह राशि 250 रुपये थी। वहीं, रेलवे परिसर में बिना लाइसेंस के सामान बेचने, फेरी लगाने या भीख मांगने पर अब दो हजार रुपये तक की भारी पेनल्टी लगाई जाएगी।
महिला कोच में घुसे तो लगेगा भारी जुर्माना
ट्रेन में बार-बार नियम तोड़ने वाले यात्रियों को जेल भेजने और अतिरिक्त जुर्माने का भी सख्त प्रावधान किया गया है। ट्रेन या स्टेशन परिसर में नशे की हालत में सह-यात्रियों को परेशान करने वालों का टिकट तुरंत जब्त हो सकता है। ऐसे मामलों में एक हजार रुपये जुर्माना, जेल या सामुदायिक सेवा की सजा मिलेगी।
पुरुष यात्रियों द्वारा महिला आरक्षित कोच, सीट या केबिन में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगेगा। यदि आरोपी जुर्माना नहीं देता है, तो मामला सीधे अदालत जाएगा। वहां दोषी पाए जाने पर पांच हजार रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा रेलवे परिसर में अवैध रूप से प्रवेश करने या अतिक्रमण करने वालों पर भी शिकंजा कसा गया है। ऐसे लोगों पर 500 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करने की अपील की है।
Author: Gaurav Malhotra


