Himachal News: हिमाचल की राजनीति में भ्रष्टाचार को लेकर एक बड़ा भूचाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचारियों को बचाने का सीधा आरोप मढ़ा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार में अब पूरी तरह से खलबली मची है। सत्ता में बैठे कई बड़े चेहरे अब धीरे-धीरे बेनकाब होने लगे हैं। इस तीखे बयान से राज्य का सियासी पारा काफी चढ़ गया है।
चेस्टर हिल विवाद पर फंसी सरकार
जयराम ठाकुर ने चेस्टर हिल मामले पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। इस प्रकरण में मुख्य सचिव ने एक विवादित पत्र जारी किया था। सोशल मीडिया पर यह मामला बहुत तेजी से उछला था। भारी दबाव के कारण सरकार को यह पत्र अचानक वापस लेना पड़ा। जयराम ठाकुर ने कहा कि पत्र वापस लेने से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। प्रदेश की जनता इस व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार से सच जानना चाहती है।
पत्र को लेकर दागे तीखे सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने सुक्खू सरकार से कई बड़े सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर क्या मजबूरी थी जो पत्र वापस लिया गया। क्या मुख्य सचिव ने यह पत्र अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर लिखा था। ठाकुर ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भारी संदेह जताया है। उन्होंने सवाल किया कि यह पत्र आखिर किसके इशारे पर लिखा गया था। इसके पीछे राज्य सरकार की असली और छिपी हुई मंशा क्या थी।
मुख्यमंत्री पर सबूत दबाने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए थी। लेकिन मुख्यमंत्री खुद सबूतों को दबाने में पूरी तरह जुटे हुए हैं। वह दोषियों को सजा देने के बजाय उन्हें पूरा संरक्षण दे रहे हैं। ठाकुर ने इस रवैये को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल खिलाफ बताया है। उन्होंने इसे हिमाचल प्रदेश के लिए एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति करार दिया है।


