Rudrapur News: उत्तराखंड के रुद्रपुर में साइबर ठगों ने एक क्रेडिट कार्ड धारक को अपना शिकार बनाते हुए हजारों रुपये का चूना लगा दिया है। खेड़ा निवासी मुमताज अहमद को बैंक कर्मचारी बनकर फोन करने वाले एक अज्ञात व्यक्ति ने ओटीपी (OTP) हासिल कर उनके कार्ड से 61,062 रुपये उड़ा लिए। हैरान करने वाली बात यह है कि बैंक ने ठगी की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित को ही नोटिस जारी कर दिया है। अब बैंक ने पीड़ित से ब्याज सहित 84 हजार रुपये जमा करने की मांग की है।
पीड़ित मुमताज अहमद के अनुसार, उन्हें 5 जनवरी 2025 को एसबीआई (SBI) द्वारा क्रेडिट कार्ड जारी किया गया था। कार्ड मिलने के कुछ ही दिनों बाद 14 फरवरी को उनके पास एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को बैंक की मुंबई हेड ब्रांच का कर्मचारी बताया और कार्ड एक्टिवेट करने का झांसा दिया। उसकी बातों पर भरोसा कर मुमताज ने मोबाइल पर आया ओटीपी साझा कर दिया। इसके तुरंत बाद उनके खाते से तीन बार में कुल 61 हजार रुपये से अधिक की राशि काट ली गई।
पुलिस और बैंक से नहीं मिली मदद, अब अदालत के आदेश पर दर्ज हुई FIR
ठगी का पता चलते ही पीड़ित ने तुरंत बैंक को सूचित किया, लेकिन वहां से कोई ठोस सहयोग नहीं मिला। बैंक ने ठगी गई राशि को माफ करने या जांच करने के बजाय मुमताज को नोटिस भेजकर बढ़ी हुई रकम जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब पीड़ित ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया, तो वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर मुमताज ने न्याय के लिए न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद अब मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकी है।
न्यायालय के कड़े रुख और आदेश के बाद पुलिस ने आखिरकार अज्ञात ठग के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) पंजीकृत कर ली है। पीड़ित का आरोप है कि बैंक और पुलिस की शुरुआती लापरवाही ने उनकी मानसिक और आर्थिक परेशानी को और बढ़ा दिया है। साइबर विशेषज्ञ बार-बार चेतावनी देते हैं कि किसी भी बैंक का कर्मचारी कभी भी फोन पर ओटीपी नहीं मांगता है। इस मामले ने एक बार फिर बैंकिंग सिस्टम और साइबर अपराधों के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

