Himachal News: हिमाचल प्रदेश में रेल नेटवर्क का वर्षों पुराना सपना अब हकीकत में बदल रहा है। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार राज्य को इतने बड़े स्तर पर रेल परियोजनाओं की सौगात मिली है। सांसद हर्ष महाजन ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है। चंडीगढ़-बद्दी और भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन पर काम काफी तेजी से चल रहा है। इन परियोजनाओं से पहाड़ों पर विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है।
बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन बनेगी गेमचेंजर
हिमाचल के लिए प्रस्तावित बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन एक बहुत बड़ा गेमचेंजर साबित होगी। यह सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है। इस रेल लाइन की कुल लंबाई लगभग 489 किलोमीटर होगी। इसका सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह रेल लाइन सुंदरनगर, मंडी, मनाली, सिस्सू, दारचा, केलांग और सरचू होते हुए सीधे लेह तक जाएगी। इस लाइन के बनने से मंडी जिले की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यह पूरा इलाका पर्यटन और व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
चंडीगढ़-बद्दी प्रोजेक्ट पर खर्च हुए 1068 करोड़
चंडीगढ़-बद्दी नई रेल लाइन परियोजना पर भी तेज गति से काम चल रहा है। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1540 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र और हिमाचल सरकार की 50-50 फीसदी की साझेदारी तय हुई है। फरवरी 2026 तक इस परियोजना पर 1068 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसके अलावा नंगल डैम से दौलतपुर चौक तक 60 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का काम पूरा हो गया है। दौलतपुर चौक से मुकेरियां तक 42 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है। इस रूट पर बड़े पुलों और अंडरपास का निर्माण भी तेजी से हो रहा है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान
सांसद हर्ष महाजन ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से हिमाचल में पर्यटन को नई गति मिलेगी। राज्य के उद्योग और व्यापार क्षेत्र में भी बड़ा उछाल आएगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से प्रदेश देश के बाकी हिस्सों से और मजबूती के साथ जुड़ेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। केंद्र सरकार का यह कदम हिमाचल के संतुलित विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उम्मीद है कि जल्द ही प्रदेश के बाकी हिस्सों को भी मजबूत रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।


