आधी रात कांप उठी दिल्ली-NCR की धरती: पंखे हिले, झूमर नाचे और सड़कों पर दौड़ पड़े लोग, क्या फिर लौट आया है 2005 का वो मंजर?

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार की रात बेहद डरावनी साबित हुई। नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम सहित पूरे उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके इतने जोरदार थे कि बहुमंजिला इमारतों में सो रहे लोग बदहवास होकर नीचे की ओर भागे। दिल्ली ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और पंजाब तक धरती कांपने की खबरें हैं। रात के करीब 9:45 बजे आए इन झटकों ने एक बार फिर हिमालयी बेल्ट की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है।

अफगानिस्तान का हिंदू कुश रहा भूकंप का केंद्र

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा पर स्थित हिंदू कुश क्षेत्र था। जमीन से करीब 175 किलोमीटर की गहराई में हलचल होने के कारण इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए गए। वैज्ञानिकों ने इसकी लोकेशन 36.52 डिग्री उत्तर अक्षांश और 71.01 डिग्री पूर्व देशांतर दर्ज की है। गहराई ज्यादा होने की वजह से ही यह भूकंप पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से लेकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक दहशत फैला गया।

उत्तर भारत में खौफ का मंजर

जम्मू-कश्मीर में झटकों की तीव्रता सबसे अधिक महसूस की गई। श्रीनगर, पुंछ और उधमपुर के इलाकों में कड़कड़ाती ठंड के बीच लोग घंटों घरों के बाहर खड़े रहे। सोशल मीडिया पर ‘Earthquake’ टॉप ट्रेंड करने लगा। लोग हिलते हुए पंखों और झूमरों के वीडियो साझा कर अपना डर बयां कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासन के लिए राहत की बात यह है कि अभी तक कहीं से भी किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है।

बार-बार क्यों कांप रही है हिमालयी बेल्ट?

भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालयी बेल्ट की फॉल्ट लाइन्स काफी सक्रिय हो चुकी हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ समय से उत्तर भारत में छोटे-बड़े भूकंप के झटके बार-बार लग रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें और आपदा प्रबंधन के नियमों का पालन करें। फिलहाल प्रशासन की टीमें पूरे क्षेत्र में स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories