हिमाचल के स्कूलों में शिक्षकों की बंपर भर्ती: 30 हजार रुपये मानदेय और सिर्फ 10 महीने का काम, क्या आपने भरा फॉर्म?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने राज्य के सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार अब अंग्रेजी और गणित जैसे कठिन विषयों के लिए ‘पीरियड आधार’ पर शिक्षकों की नियुक्ति करेगी। इस विशेष भर्ती के तहत चयनित शिक्षकों को हर महीने 30 हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने कुल 2068 पदों को भरने की मंजूरी दे दी है। यह कदम सीधे तौर पर उन छात्रों के लिए संजीवनी साबित होगा जो इन मुख्य विषयों में पिछड़ रहे थे।

अंग्रेजी और गणित के शिक्षकों को मिलेगी प्राथमिकता

प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में लंबे समय से गणित और अंग्रेजी के शिक्षकों की किल्लत चल रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में सुधार करना है। इसीलिए इस भर्ती प्रक्रिया में इन दो विषयों के विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि वर्तमान में सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि विषय विशेषज्ञों के आने से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों का शैक्षणिक स्तर सुधरेगा और वे सीबीएसई पैटर्न को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।

10 महीने का कार्यकाल और अस्थायी नियुक्ति की शर्तें

यह नियुक्तियां पूरी तरह से अस्थायी होंगी और केवल एक शैक्षणिक सत्र यानी 10 महीने के लिए की जाएंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह स्थायी भर्ती का विकल्प नहीं है, बल्कि एक वैकल्पिक व्यवस्था है। हिमाचल प्रदेश में पहले भी एसएमसी और अन्य नीतियों के माध्यम से शिक्षकों की कमी पूरी की जाती रही है। हालांकि, मानदेय की आकर्षक राशि (30 हजार रुपये) को देखते हुए युवाओं में इस भर्ती को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। 10 महीने की अवधि पूरी होने के बाद यह अनुबंध समाप्त हो जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश या चुनावी दांव?

इस निर्णय से जहां एक ओर बेरोजगार युवाओं को अस्थायी रोजगार मिलेगा, वहीं स्कूलों में खाली पड़े पदों पर तत्काल राहत मिलेगी। शिक्षा विभाग वर्तमान में सीबीएसई स्कूलों के लिए चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहा है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस तरह की अस्थायी नियुक्तियों से भविष्य में नियमितीकरण की मांग और तेज हो सकती है। फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान शैक्षणिक सत्र को सुचारू रूप से चलाने और शिक्षकों की तत्काल कमी को पाटने पर केंद्रित है।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories