भीतर भी महिला आरक्षण: BJP पर अपने ही संगठन में 33% प्रतिनिधित्व का दबाव, 9% के आंकड़े से क्यों बढ़ी बेचैनी?

Political News: जहां एक तरफ पीएम मोदी विपक्ष पर महिला आरक्षण बिल का विरोध करने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं खुद भाजपा के अंदर ही महिलाओं को एक-तिहाई प्रतिनिधित्व देने को लेकर दबाव बढ़ गया है। यह मांग ऐसे समय में तेज हुई है जब पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन अपनी नई टीम बनाने जा रहे हैं, जिससे संगठनात्मक फेरबदल की प्रक्रिया को गति मिलेगी।

क्या कहता है सुषमा स्वराज समिति का 2007 का रिपोर्ट?

राजनाथ सिंह के पहले कार्यकाल में बनी सात सदस्यीय समिति ने संगठन में 33 फीसदी आरक्षण की सिफारिश की थी। समिति ने कहा था कि बीजेपी का संविधान स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक हर इकाई में महिलाओं के लिए एक-तिहाई प्रतिनिधित्व अनिवार्य बनाता है। लेकिन हकीकत यह है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 396 सदस्यों में से महज 37 यानी करीब 9 फीसदी ही महिलाएं हैं। 12 सदस्यीय संसदीय बोर्ड में सुधा यादव अकेली महिला हैं।

बीजेपी के अंदर कितनी हैं महिलाएं?

बीजेपी के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि 12 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में से पांच महिलाएं हैं। पार्टी में एक भी महिला महासचिव नहीं है, जबकि कुल सात महासचिव हैं। 11 राष्ट्रीय सचिवों में से दो महिलाएं हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि बूथ स्तर पर 33 फीसदी महिलाएं हैं, लेकिन शीर्ष निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में यह आंकड़ा बेहद कम है। सुषमा स्वराज समिति ने भी माना था कि राज्य, जिला और मंडल अध्यक्षों में आरक्षण लागू करना अव्यावहारिक है।

पार्टी नेतृत्व पर क्यों बढ़ा दबाव?

पीएम मोदी ने विपक्ष पर संविधान संशोधन बिल का विरोध कर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया था, जिसके बाद पार्टी के भीतर से ही महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। राज्यसभा के एक सांसद ने कहा कि चूंकि पार्टी इस मुद्दे पर जोर-शोर से प्रचार कर रही है, इसलिए संगठन में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का दबाव बनेगा। एक अन्य सांसद ने कहा कि न तो निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में और न ही संसदों में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला है।

नितिन नवीन की नई टीम पर टिकी हैं निगाहें

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम की घोषणा 15 मई तक हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, नई टीम में तीन महिला नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव बनाया जा सकता है, जबकि 4 से 5 महिलाओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 6 से 8 को राष्ट्रीय सचिव का पद दिया जा सकता है। दो दर्जन से अधिक महिलाओं के नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं, जिनमें ग्रामीण, शहरी, महानगर और उत्तरपूर्वी भारत के क्षेत्रों का मिश्रण होगा।

कांग्रेस और टीएमसी में कितना है महिला प्रतिनिधित्व?

कांग्रेस कार्यसमिति के 37 सदस्यों में 6 महिलाएं हैं, जिनमें सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी शामिल हैं। मौजूदा लोकसभा में टीएमसी सबसे आगे है, जहां 39 फीसदी महिला सांसद हैं। बीजेपी और कांग्रेस में महिला सांसदों का हिस्सा लगभग बराबर है, जो क्रमश: 13 फीसदी और 13.4 फीसदी है। हालांकि, बीजेपी ने चुनावों में 16 फीसदी महिला उम्मीदवार उतारे थे, जो कांग्रेस के 13 फीसदी से अधिक है। डीएमके के 22 सांसदों में से केवल तीन महिलाएं हैं।

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