Prayagraj News: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने अवैध डग्गामार बसों पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके तहत अब प्राइवेट इलेक्ट्रिक बसों को रोडवेज के बेड़े में शामिल किया जा रहा है। विभाग ने इसी क्रम में प्रयागराज से कोरांव, कौशांबी, वाराणसी और प्रतापगढ़ रूट पर बसों का ट्रायल रन शुरू कर दिया है।
अभी इन आधुनिक बसों का कोई फिक्स टाइम टेबल जारी नहीं हुआ है। परिवहन निगम यात्रियों की मांग और ट्रैफिक लोड को ध्यान में रखकर ही इसकी अंतिम समय सारिणी तय करेगा। किराये की बात करें तो प्रयागराज से कोरांव के लिए 128 रुपये और प्रतापगढ़ रूट के लिए 141 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
दिसंबर तक शहर को मिलेंगी 50 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें
प्रयागराज की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को मजबूत, आधुनिक और पूरी तरह इको-फ्रेंडली बनाने के लिए दिसंबर तक चरणबद्ध तरीके से 50 नई इलेक्ट्रिक बसें आएंगी। ये सभी बसें हाईटेक फीचर्स वाली 12 मीटर लंबी श्रेणी की होंगी, जो जीसीसी मॉडल के तहत संचालित की जाएंगी। इसके तहत रखरखाव का जिम्मा प्राइवेट ऑपरेटर संभालेंगे।
इस बड़ी योजना के लिए प्रदेश सरकार प्रति बस ऑपरेटरों को 40 लाख रुपये तक का वित्तीय अनुदान भी दे रही है। शहर में बढ़ती आबादी को देखते हुए रोडवेज प्रशासन अपने खुद के बेड़े में भी 28 नई बसें शामिल करने जा रहा है। इससे यात्रियों को डग्गामार वाहनों के जोखिम भरे सफर से बड़ी राहत मिलेगी।
लीडर रोड डिपो से जल्द शुरू होगा नियमित बसों का संचालन
परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार ट्रायल रन सफल होने के बाद लीडर रोड डिपो से इन बसों का परमानेंट ऑपरेशन शुरू हो जाएगा। ये पूरी तरह वातानुकूलित बसें होंगी जो वायु प्रदूषण को रोकने में मददगार साबित होंगी। इन बसों के आरामदायक इंटीरियर और शानदार पुशबैक सीटों से यात्रियों को बेहद सुगम सफर का अनुभव मिलेगा।

