Jakarta News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की अपनी महत्वपूर्ण यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंच गए हैं। एयरपोर्ट पर उनका बेहद शानदार और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने आसमान में पीएम मोदी के विशेष एयरक्राफ्ट को सुरक्षा घेरा देकर एस्कॉर्ट किया।
इसके बाद जकार्ता एयरपोर्ट पर उतरने पर प्रोटोकॉल तोड़कर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने खुद पीएम मोदी का स्वागत किया। यह कदम दोनों देशों के बीच के बेहद गहरे और आत्मीय रिश्तों को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी यहां 6 से लेकर 8 जुलाई तक रुकेंगे।
पीएम मोदी के तीन दिवसीय इंडोनेशिया दौरे का मुख्य कार्यक्रम
प्रधानमंत्री इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को गहरा करने पर विशेष जोर देंगे। वह जकार्ता में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात और बातचीत करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नया विस्तार देना है।
यह प्रधानमंत्री मोदी का चौथा इंडोनेशिया दौरा है। मई 2018 में दोनों देशों के संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचे थे। इसके बाद से यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जिससे राजनयिक हलकों में इसे बेहद खास और ऐतिहासिक माना जा रहा है।
भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत होंगे रक्षा संबंध
हाल के वर्षों में भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग में काफी तेजी आई है। दोनों देशों के बीच लगातार उच्च स्तरीय दौरे, नियमित द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास हो रहे हैं। इसके साथ ही रक्षा उद्योग में भी ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री सहित गहरा सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
समुद्री पड़ोसी होने के नाते दोनों देशों ने साल 2018 में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग के साझा दृष्टिकोण को अपनाया था। अब आईएफसी-आईओआर में एक इंडोनेशियन लाइजन ऑफिसर की तैनाती होगी। इससे भारत और इंडोनेशिया की मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस की क्षमता को और अधिक मजबूती मिलेगी।
भारत सरकार अपने एनडीए और डीएसएससी संस्थानों में इंडोनेशियन कैडेट्स और अधिकारियों के लिए विशेष स्लॉट भी तय करेगी। इस कदम से रक्षा क्षेत्र में ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग को बढ़ावा मिलेगा। यह साझेदारी दोनों देशों के सुरक्षा हितों को सुरक्षित रखने में मददगार साबित होगी।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर दोनों देशों में बनी बात
इस द्विपक्षीय यात्रा का एक बड़ा उद्देश्य व्यापार और निवेश के जरिए आर्थिक विकास को रफ्तार देना है। भारत के ‘विकसित भारत 2047’ और इंडोनेशिया के ‘एमास (गोल्डन) इंडोनेशिया 2045’ विजन के बीच काफी मजबूत तालमेल है। दोनों देश आर्थिक मोर्चे पर मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।
इंडोनेशिया वर्तमान में आसियान क्षेत्र में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है। साल 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 24.78 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। इंडोनेशिया के अलग-अलग बिजनेस क्षेत्रों में 130 से ज्यादा भारतीय कंपनियों ने बड़ा निवेश किया है।

