Sultanpur News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में चल रहे मानहानि के एक पुराने मामले में अब 18 जुलाई 2026 को अगली सुनवाई होगी। स्थानीय अदालत में यह आपराधिक मामला पिछले करीब 8 वर्षों से लंबित चल रहा है।
इस बहुचर्चित मामले में वर्तमान में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी जमानत पर चल रहे हैं। न्यायिक सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, रिवीजन कोर्ट (पुनरीक्षण अदालत) द्वारा एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाए जाने के बाद अब निचली अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया और तारीख तय की गई है।
वॉयस सैंपल मिलान के बाद आगे बढ़ेगी कानूनी प्रक्रिया
रिवीजन कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कथित आपत्तिजनक बयान से जुड़े वॉयस सैंपल (आवाज के नमूने) के मिलान को लेकर एक अहम आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद ही अब सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में इस मुकदमे की कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
यह पूरा मामला लंबे समय से अदालत में विचाराधीन है और समय-समय पर इस पर बहस होती रही है। अब 18 जुलाई 2026 को होने वाली इस महत्वपूर्ण सुनवाई पर दोनों पक्षों के वकीलों और राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजरें टिकी हुई हैं, जहां बड़े फैसले की उम्मीद है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर टिप्पणी का है पूरा मामला
अदालत में होने वाली अगली तारीख पर इस केस से जुड़े मुख्य कानूनी बिंदुओं और फोरेंसिक साक्ष्यों पर आगे की गवाही दर्ज किए जाने की संभावना है। यह विवाद साल 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था।
आरोप है कि राहुल गांधी ने भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद सुल्तानपुर के Hanumanganj निवासी और जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन विजय मिश्र ने 4 अगस्त 2018 को मानहानि का परिवाद दर्ज कराया था।
फरवरी 2024 में राहुल गांधी ने कोर्ट से ली थी जमानत
इस परिवाद पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को विचारण (ट्रायल) के लिए समन जारी कर तलब किया था। इसके बाद 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने सुल्तानपुर की अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर अपनी नियमित जमानत करवाई थी।
इसके ठीक दो साल बाद यानी 20 फरवरी 2026 को राहुल गांधी ने दोबारा अदालत में पेश होकर अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराया था। उन्होंने अपने बयान में सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया था, जिसके बाद कोर्ट साक्ष्यों की जांच कर रहा है।
