Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ के प्रसिद्ध दवा व्यापारी देवराज मलिक के पुत्र आयुष मलिक ने एक बार फिर सनातन धर्म में वापसी (घर वापसी) कर ली है। सोमवार शाम को आयुष का एक नया वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें वह अपने घर के मंदिर में पूजा-अर्चना करता हुआ दिखाई दे रहा है।
इससे पहले, एक युवती ने अपने परिजनों और कई मौलानाओं के साथ मिलकर आयुष का ब्रेनवाश (मानसिक रूप से प्रभावित) कर उसका जबरन मतांतरण करा दिया था। देवराज मलिक ने शामली पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके पुत्र की करोड़ों रुपये की संपत्ति को पूरी तरह हड़पने के लिए ही यह साजिश रची गई थी।
घर के मंदिर में हनुमान पूजा और गायत्री मंत्र के साथ सनातन धर्म में वापसी
सोमवार शाम को यह वीडियो स्वामी यशवीर द्वारा आधिकारिक तौर पर जारी किया गया, जिन्होंने इस पूरे मुद्दे को सामाजिक स्तर पर प्रमुखता से उठाया था। करीब 2 मिनट 17 सेकंड के इस वीडियो में आयुष मलिक अपने घर के निजी मंदिर में हनुमान जी की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करता हुआ साफ दिखाई दे रहा है।
वीडियो के बैकग्राउंड में गायत्री मंत्र की पवित्र आवाज भी साफ सुनाई दे रही है। वीडियो में आयुष ने खुद यह स्वीकार किया कि उसने अपने पिता और परिवार की खुशियों के लिए हिंदू धर्म में वापसी कर ली है। पूजा संपन्न करने के बाद उसने अपने माता-पिता और परिवार के सभी बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया।
जिम ट्रेनर बनकर प्रेमजाल में फंसाया और वीडियो बनाकर बनाया दबाव
आयुष मलिक ने अपनी उच्च पढ़ाई पूरी करने के बाद शहर में ‘भारत मेडिकोज’ के नाम से एक बड़ा मेडिकल स्टोर खोला था। वहां काम करने वाले मुख्य नौकर आस मोहम्मद उर्फ आशु को यह अच्छी तरह पता था कि आयुष एक करोड़पति परिवार से है। इसके बाद ही आयुष को अपने जाल में फंसाने की एक सोची-समझी साजिश रची गई।
नौकर आशु की बहन चांदनी ने माजरा रोड पर स्थित उसी जिम को ज्वाइन कर लिया, जहां आयुष रोजाना वर्कआउट के लिए जाता था। जिम ट्रेनर बनकर चांदनी ने आयुष को ट्रेनिंग देने के बहाने अपने प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद उसकी कुछ आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उस पर लगातार धर्म बदलने का भारी दबाव डाला जाने लगा।
पाकिस्तानी कट्टरपंथी के वीडियो दिखाए और दिल्ली ले जाकर कराया मतांतरण
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है कि आयुष को पाकिस्तानी कट्टरपंथी डॉ. इसरार अहमद की धार्मिक वीडियो दिखाकर उसका पूरी तरह ब्रेनवाश किया गया था। युवक का मानसिक संतुलन प्रभावित होने के बाद आरोपी उसे दिल्ली ले गए, जहां एक मस्जिद में गाजियाबाद के दो मौलाना और शामली के मौलवी मुन्नवर ने उसका जबरन मतांतरण करा दिया था।
मतांतरण कराने के बाद भी निकाहनामे की आड़ में युवक से लगातार मोटी रकम वसूली जाती रही। इस मामले में देवराज मलिक की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और एक रिश्तेदार भोला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) एनपी सिंह ने बताया कि फिलहाल इस प्रकरण में फरार चल रहे अन्य सात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

