Uttar Pradesh News: नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना के तहत भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक किसान अब कृषि विभाग में अपना आवेदन आसानी से जमा कर सकते हैं।
बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर के लिए जरूरी पात्रता और शर्तें
उप कृषि निदेशक डॉ. एसके सिंह ने बताया कि बीआरसी स्थापित करने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें तय की गई हैं। योजना के तहत आवेदक का एक सक्रिय प्राकृतिक किसान होना अनिवार्य है। इसके अलावा उसके पास ऐसे सहयोगी सदस्य होने चाहिए, जिन्हें प्राकृतिक खेती का अच्छा अनुभव हो और जो अपने खेतों में प्राकृतिक जैव आदान का नियमित उपयोग करते हों।
सेंटर की स्थापना के लिए पशुधन और पौध आधारित बायोमास जैसी कच्ची सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। इसके साथ ही गोमूत्र और गोबर की अपेक्षित मात्रा की निरंतर आपूर्ति के लिए नजदीकी गौशाला की उचित व्यवस्था होना आवश्यक है। बीआरसी के पास प्राकृतिक जैव आदान तैयार करने तथा तैयार उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए भी पर्याप्त स्थान होना चाहिए।
गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक होंगे ये आधुनिक उपकरण
बीआरसी में तैयार होने वाले जैविक मिश्रण, जैसे घनजीवामृत, जीवामृत, बीजामृत और दशपर्णी अर्क की गुणवत्ता बनाए रखना सबसे जरूरी होगा। इसके लिए केंद्र पर स्टोरेज कैन, रैक, रेफ्रिजरेटर, गोमूत्र इकट्ठा करने वाला विशेष संयंत्र पात्र, चैंबर तथा बड़े स्टोरेज की पुख्ता सुविधा होनी चाहिए, जिससे जैविक उत्पादों का रखरखाव सही तरीके से हो सके।
यह केंद्र न केवल जैविक मिश्रण तैयार करेगा, बल्कि क्लस्टर अथवा प्राकृतिक खेती के इच्छुक अन्य किसानों को आवश्यकतानुसार तकनीकी सहयोग भी प्रदान करेगा। योजना से जुड़ने के इच्छुक किसान कार्यालय उप कृषि निदेशक, खैराबाद में आगामी 4 जुलाई तक अपना आवेदन फॉर्म हर हाल में जमा करा सकते हैं।

