Prayagraj News: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संचालित चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में बड़ा बदलाव हुआ है। अब बीए और बीएससी के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सामान्य ऑनर्स डिग्री नहीं मिलेगी। विश्वविद्यालय उन्हें विशेष रूप से ‘यूजी ऑनर्स डिग्री विद रिसर्च’ प्रदान करेगा। प्रशासन ने इसके लिए नए शैक्षणिक नियम भी तय कर दिए हैं।
नए नियमों के अनुसार विद्यार्थियों को इस विशेष शोध डिग्री का लाभ पाने के लिए कड़े मापदंड पूरे करने होंगे। छात्रों को पहले छह सेमेस्टर में कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। इसके साथ ही उन्हें तीसरे वर्ष तक अपने पूरे बैच के शीर्ष 10 प्रतिशत विद्यार्थियों की लिस्ट में स्थान बनाना भी अनिवार्य होगा।
चौथे वर्ष में तैयार करना होगा विशेष रिसर्च प्रोजेक्ट और डिसर्टेशन
रिसर्च आधारित ऑनर्स डिग्री के लिए चौथे वर्ष में छात्रों को किसी शिक्षक के निर्देशन में रिसर्च प्रोजेक्ट या डिसर्टेशन तैयार करना होगा। इससे पहले तीन वर्षों तक छात्र ड्यूल मेजर सिस्टम के तहत दो प्रमुख विषयों का समानांतर अध्ययन करेंगे। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस व्यवस्था से स्नातक स्तर पर ही छात्रों में शोध की प्रवृत्ति बढ़ेगी।
यह व्यावहारिक अनुभव छात्रों को भविष्य में एमए, एमएससी और पीएचडी जैसे उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के दौरान बड़ा फायदा पहुंचाएगा। इसके साथ ही इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक प्रवेश की सीटों का पूरा विवरण जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में इस वर्ष कुल 3,698 सीटों पर दाखिले होंगे।
बीए और बीएससी पाठ्यक्रमों में सीटों और क्रेडिट का विवरण
विश्वविद्यालय में सबसे अधिक 1,995 सीटें बीए पाठ्यक्रम के लिए तय की गई हैं। इसके अलावा बीएससी गणित में 450, बीकॉम में 300, बीएससी बायोलॉजी में 200 और बीएएलएलबी ऑनर्स में 120 सीटें होंगी। बीसीए के लिए 80, बीवोक के लिए 62 और मीडिया स्टडीज के लिए 58 सीटें आवंटित हैं। बीए और बीएससी का कुल क्रेडिट 184 तय हुआ है।
इसी तरह बीकॉम कोर्स का कुल क्रेडिट 194 निर्धारित किया गया है। दूसरी ओर पर्यावरण अध्ययन, बीबीए-एमबीए और डेटा साइंस जैसे आधुनिक इंटीग्रेटेड कोर्सेज में 40-40 सीटें उपलब्ध रहेंगी। फैशन डिजाइनिंग में 58 और योग, मेडिटेशन जैसे पांच वर्षीय विशिष्ट कोर्स में सबसे कम 10 सीटें होंगी। छात्राओं के लिए अलग से 50 अतिरिक्त बीएड सीटें रखी गई हैं।

