Uttar Pradesh News: नए सत्र से पहले परिवहन विभाग ने जिले के सभी स्कूलों को कड़ी चेतावनी जारी की है। बिना फिटनेस प्रमाणपत्र और अधूरे दस्तावेजों वाले स्कूल वाहनों का संचालन अब पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने पर वाहन सीज किए जाएंगे।
44 वाहनों की फिटनेस अवधि हो चुकी है समाप्त
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 179 स्कूलों के 486 वाहन आइएसबीएमपी पोर्टल पर पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 44 बसों की फिटनेस अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी है। एआरटीओ कार्यालय ने इन संबंधित स्कूल प्रबंधनों को तत्काल प्रभाव से वाहनों की जांच कराने और सभी कानूनी दस्तावेजों को अद्यतन करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
वाहनों में इन सुरक्षा उपकरणों की है अनिवार्यता
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक स्कूल वाहन के पास वैध परमिट, बीमा, प्रदूषण जांच रिपोर्ट और फिटनेस प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। साथ ही हर बस में अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट और आपातकालीन निकास गेट का होना भी जरूरी है। इन सुरक्षा उपकरणों के बिना सड़क पर उतरने वाले वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
लापरवाही बरतने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
एआरटीओ तारकेश्वर मल्ल ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना विद्यालय प्रबंधन की साझा जिम्मेदारी है। आगामी दिनों में विभाग विशेष जांच अभियान चलाकर वाहनों का औचक निरीक्षण करेगा। यदि जांच के दौरान किसी भी वाहन में कमी पाई जाती है, तो उसे तत्काल सीज कर संबंधित संचालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
स्कूल प्रबंधनों को तकनीकी स्थिति और चालकों की योग्यता की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है। विभाग ने सभी संचालकों से समय रहते अपनी औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की है ताकि छात्रों को परेशानी न हो। प्रशासन का साफ कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

