ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी: पीएम मोदी के एक संदेश पर मंत्रियों ने क्यों बदली अपनी डीपी? जानें इसके पीछे का बड़ा सच

Jammu News: भारत के सैन्य इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर गुरुवार को पूरा देश देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक विशेष आह्वान पर केंद्र सरकार के दिग्गज मंत्रियों ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल की तस्वीरें (DP) बदल दीं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कैबिनेट के तमाम सहयोगियों ने ऑपरेशन सिंदूर के प्रतीक चिन्ह को अपनी पहचान बनाया। यह पहल भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान और उनके शौर्य को नमन करने के लिए की गई है।

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सशस्त्र बलों के शौर्य को पीएम मोदी का सलाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिन की शुरुआत में ऑपरेशन सिंदूर के प्रतीक को साझा करते हुए देशवासियों से इसे अपनी प्रोफाइल फोटो बनाने की अपील की। पीएम ने भावुक पोस्ट में लिखा कि एक साल पहले हमारे वीर जवानों ने बेजोड़ साहस दिखाया था। उन्होंने हमारे लोगों पर हमला करने वालों को उनकी ही भाषा में कड़ा जवाब दिया। मोदी ने जोर देकर कहा कि आज हर भारतीय को अपनी सेना पर गर्व है। उनकी इस अपील के बाद सोशल मीडिया पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की लहर दौड़ गई।

दिग्गज मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने एकजुटता दिखाई

पीएम मोदी की अपील का असर तुरंत दिखाई दिया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल जैसे मंत्रियों ने अपनी प्रोफाइल तस्वीरें अपडेट कीं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी अपनी डीपी बदली और एक वीडियो संदेश जारी किया। सरमा ने कहा कि भारत अब हर उस तत्व का पीछा करेगा जो देश के खिलाफ साजिश रचेगा। उन्होंने इस सैन्य ऑपरेशन को भारतीय सेना की अचूक प्रहार क्षमता और आधुनिक युद्ध कौशल का बेहतरीन उदाहरण बताया।

गृह और रक्षा मंत्रियों ने दुश्मनों को दी कड़ी चेतावनी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सेना की सटीकता ने आधुनिक सैन्य ऑपरेशनों के लिए एक नया ‘मानक’ स्थापित किया है। गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पोस्ट में इसे एक ऐतिहासिक मिशन करार दिया। शाह के अनुसार, यह ऑपरेशन हमेशा दुश्मनों को भारतीय सेना की मारक शक्ति की याद दिलाता रहेगा। इन बयानों ने स्पष्ट कर दिया कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

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क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और इसकी पृष्ठभूमि?

इस ऐतिहासिक ऑपरेशन की शुरुआत पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी। भारतीय वायुसेना और थल सेना ने मिलकर पाकिस्तान और पीओके (PoK) में स्थित कई आतंकवादी ठिकानों को जमींदोज कर दिया था। 7 मई की सुबह शुरू हुआ यह सैन्य संघर्ष लगभग 88 घंटों तक चला। इस दौरान भारतीय सेना ने अत्यधिक सटीकता के साथ लक्ष्यों को निशाना बनाया। 10 मई की शाम को दोनों देशों के बीच एक समझौता होने के बाद ही यह संघर्ष समाप्त हुआ था।

‘ऑपरेशन सिंदूर जारी है’: सेना का कड़ा संदेश

पहलगाम हमले की पहली बरसी पर भारतीय सेना ने भी एक शक्तिशाली संदेश जारी किया है। सेना ने एक डिजिटल पोस्टर साझा किया जिसमें तीन सशस्त्र सैनिक एक बड़े लाल वृत्त के सामने मजबूती से खड़े हैं। इस पर लिखा है कि “ऑपरेशन सिंदूर जारी है…”। सेना ने साफ कर दिया कि भारत के खिलाफ किसी भी नापाक हरकत का जवाब सुनिश्चित है। ऑपरेशन के लोगो में ‘ओ’ अक्षर को एक कटोरे में रखे सिंदूर के साथ दर्शाया गया है, जो राष्ट्र के गौरव की रक्षा का प्रतीक है।

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