Mumbai News: महाराष्ट्र में गाड़ी मालिकों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी एचएसआरपी लगवाने की अंतिम तारीख 30 जून तय की गई है। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ 1 जुलाई से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य में अब तक एक करोड़ से अधिक वाहनों में एचएसआरपी लगाई जा चुकी है। हालांकि यह संख्या कुल योग्य वाहनों का मात्र 51 प्रतिशत ही है। यह नया नियम 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत हुए सभी छोटे-बड़े वाहनों पर अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। नियमों की अनदेखी पर भारी जुर्माना लगेगा।
एचएसआरपी नंबर प्लेट न होने पर आरटीओ सेवाएं होंगी बंद
परिवहन विभाग आवश्यक एचएसआरपी नंबर प्लेट न होने पर संबंधित वाहनों की सभी महत्वपूर्ण आरटीओ सेवाएं पूरी तरह ब्लॉक कर देगा। इसमें मुख्य रूप से गाड़ी का मालिकाना हक ट्रांसफर करना, निवास का पता बदलना, हाइपोथेकेशन अपडेट करना, दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना और ड्राइविंग लाइसेंस का रिन्यूअल कराना शामिल है।
हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कड़ी शर्त वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यूअल प्रक्रिया पर बिल्कुल लागू नहीं होगी। जिन लोगों ने समय-सीमा समाप्त होने से पहले ही अधिकृत एचएसआरपी लगवाने के लिए अपना ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर लिया है, उन्हें फिलहाल इस दंडात्मक कार्रवाई से बड़ी राहत दी जाएगी।
परिवहन मंत्री ने समय-सीमा आगे बढ़ाने से किया साफ इनकार
राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की तय समय-सीमा को आगे बढ़ाने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी कई बार इसकी तारीख बढ़ाई है। लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, इसलिए 1 जुलाई से सख्ती शुरू होगी।
पूरे महाराष्ट्र में अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड वाहनों में से 60 प्रतिशत से भी कम में एचएसआरपी प्लेट लगी हैं। मंत्री ने इस स्थिति को बेहद निराशाजनक बताया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नियमों का उल्लंघन करने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाने से लोग इसे जल्द लगवाने के लिए प्रेरित होंगे।
नागपुर और पुणे जिलों में जांच के लिए टीमें गठित
नागपुर में बिना एचएसआरपी के वाहन चलाने पर आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस मिलकर संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाएंगे। इसके लिए रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर्स के नेतृत्व में 14 विशेष फ्लाइंग स्क्वाड बनाए गए हैं। नागपुर में करीब 48.9 प्रतिशत योग्य गाड़ियों ने ही अब तक इस प्रक्रिया को पूरा किया है।
दूसरी तरफ पुणे जिले की स्थिति और भी ज्यादा खराब है, जहां अब तक मात्र 39 प्रतिशत योग्य वाहनों में ही एचएसआरपी प्लेट लगाई जा सकी हैं। परिवहन अधिकारियों ने स्वीकार किया कि पूरे राज्य में जनता का रिस्पॉन्स काफी धीमा रहा है। अब इस जटिल प्रक्रिया को आसान बनाने पर विचार किया जा रहा है।

