Delhi News: देश में डीजल की अचानक बढ़ी मांग को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल यूजर्स के पेट्रोल पंपों से तेल खरीदने पर तुरंत रोक लगा दी है। अब इन बड़े उपभोक्ताओं को सिर्फ बल्क सेल पॉइंट्स से ही ईंधन खरीदना होगा।
दरअसल पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की लागत में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद आम जनता को राहत देने के लिए देश में रिटेल कीमतें नहीं बढ़ाई गईं। इसके चलते दिल्ली में रिटेल डीजल और बल्क डीजल की कीमतों में 39 रुपये से अधिक का भारी अंतर आ गया है।
इस भारी अंतर के कारण टेलीकॉम टावर और इंडस्ट्रीज जैसे बड़े उपभोक्ता नुकसान से बचना चाहते थे। वे अपनी जरूरत का तेल सीधे रिटेल पेट्रोल पंपों से खरीदने लगे थे। इसी वजह से देश के कुछ हिस्सों में खुदरा दुकानों पर डीजल और पेट्रोल की मांग में असामान्य तेजी आ गई।
अगले 90 दिनों तक लागू रहेंगे यह सख्त नियम
बढ़ती मांग को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने यह आदेश अगले 90 दिनों तक लागू किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून को इस संबंध में एक विशेष अधिसूचना जारी की है। इस नए सरकारी आदेश के तहत खुदरा दुकानों से होने वाली थोक खरीद पर पूरी तरह अंकुश लगा दिया गया है।
इस नई अधिसूचना के बाद अब खुदरा दुकानों पर डीजल की बिक्री को काफी सीमित कर दिया गया है। अब कोई भी व्यक्ति केवल वाहनों के ईंधन टैंक या पीईएसओ द्वारा प्रमाणित कंटेनरों में ही तेल ले सकेगा। इसके साथ ही सरकार ने प्रति ग्राहक प्रतिदिन खरीद की अधिकतम सीमा भी तय कर दी है।
प्रतिदिन तेल खरीदने की अधिकतम सीमा हुई तय
सरकारी आदेश के मुताबिक अब कोई भी ग्राहक या वाहन एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही खरीद पाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खुदरा दुकानों से खरीदे गए इस डीजल को दोबारा बेचा नहीं जा सकता। तेल विपणन कंपनियों को इन नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
थोक और खुदरा कीमतों में इस बड़े अंतर से सरकारी तेल कंपनियों पर भी काफी बोझ बढ़ रहा था। इस अस्थाई नियम के लागू होने से खुदरा बाजारों में तेल की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी। आम उपभोक्ताओं को भी बिना किसी परेशानी के पेट्रोल और डीजल मिलता रहेगा।
Author: Gaurav Malhotra

