India News: इबोला के बढ़ते वैश्विक खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा वैश्विक आपातकाल घोषित किए जाने के बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने देश की सुरक्षा व्यवस्था का उच्च-स्तरीय जायजा लिया। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल भारत में संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संक्रमण की रोकथाम, जांच और क्वारंटाइन के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। नड्डा ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर गहन निगरानी रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को संदिग्ध मामलों की पहचान के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है।
विमानन नियामक की सख्ती
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इबोला प्रभावित क्षेत्रों से आने वाली उड़ानों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त बना दिया है। कांगो और युगांडा से आने वाले या वहां से होकर गुजरने वाले सभी यात्रियों के लिए स्व-घोषणा पत्र भरना अनिवार्य कर दिया गया है। एयरलाइनों को उड़ानों के दौरान यात्रियों के लिए जागरूकता घोषणाएं करने का भी निर्देश दिया गया है।
इबोला का कहर अफ्रीका के देशों में लगातार बढ़ रहा है, जहाँ अब तक 900 से अधिक लोग संक्रमित पाए गए हैं और 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में युगांडा में इबोला के नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो स्वास्थ्य तंत्र के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहे हैं।
WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने स्थिति को गंभीर बताया है। उनके अनुसार, कांगो और युगांडा में संक्रमण बचाव के तमाम प्रयासों के बावजूद तेजी से फैल रहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि स्थिति में सुधार के बजाय आने वाले समय में चुनौतियां और बढ़ सकती हैं, जिससे निपटने के लिए वैश्विक सहयोग अनिवार्य है।
Author: Harikarishan Sharma

