Bengaluru News: ऑनलाइन शॉपिंग और फूड डिलीवरी आज हमारी रूटीन लाइफ का अहम हिस्सा बन गए हैं। बड़े शहरों से लेकर गांवों तक इनका इस्तेमाल हो रहा है। ज्यादातर डिलीवरी एजेंट अपना काम ईमानदारी से करते हैं। लेकिन हाल ही में डिलीवरी बॉयज द्वारा महिलाओं के साथ अपराध और बदसलूकी के कई मामले सामने आए हैं।
इन घटनाओं ने सिंगल वुमन और घरों में अकेली रहने वाली महिलाओं की सेफ्टी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों की सिक्योरिटी पॉलिसी और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन प्रोसेस कटघरे में है। हाल ही में बेंगलुरु में फ्लिपकार्ट डिलीवरी एजेंट द्वारा की गई शर्मनाक हरकत ने इस मुद्दे को फिर से गरमा दिया है।
बेंगलुरु में फ्लिपकार्ट डिलीवरी एजेंट की अश्लील हरकत
बेंगलुरु के मराठाहल्ली इलाके में एक बेहद चौंकाने वाला मामला दर्ज हुआ है। एक महिला कस्टमर ने आरोप लगाया है कि फ्लिपकार्ट का एक डिलीवरी बॉय जबरदस्ती उसके घर के अंदर घुस गया। महिला के बार-बार मना करने के बावजूद उसने टॉयलेट इस्तेमाल करने का बहाना बनाया और अंदर चला गया।
महिला के बयान के मुताबिक टॉयलेट से बाहर आते वक्त इस एजेंट ने अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। उसने महिला को अपना प्राइवेट पार्ट भी दिखाया। इस डरावनी घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत लोकल पुलिस स्टेशन में जाकर अपनी कंप्लेंट दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले को काफी सीरियसली लिया है।
बेंगलुरु पुलिस ने मामले की इन्वेस्टिगेशन करते हुए आरोपी डिलीवरी बॉय की पहचान कर ली है। उसका नाम विजय मल्लिकार्जुन कामत बताया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा पचहत्तर, उनासी और तीन सौ उनतीस के तहत एफआईआर दर्ज की है। आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया है।
दिल्ली और मुंबई में ब्लिंकिट एजेंट्स पर लगे आरोप
अक्टूबर दो हजार पच्चीस में दिल्ली से भी ऐसी ही एक बुरी खबर सामने आई थी। वहां एक महिला ने ब्लिंकिट के डिलीवरी एजेंट पर बैड टच और गलत तरीके से छूने का सीरियस आरोप लगाया था। महिला ने अपनी आपबीती का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल कर दिया था।
महिला ने अपने वीडियो में डिलीवरी कंपनी के मैनेजमेंट और उनकी लापरवाही पर जमकर निशाना साधा था। मामला बढ़ता देख ब्लिंकिट ने तुरंत एक्शन लिया और उस डिलीवरी पार्टनर का कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेट कर दिया। हालांकि इस मामले में पीड़िता ने पुलिस स्टेशन जाकर कोई भी लीगल केस या एफआईआर दर्ज नहीं करवाई थी।
दिल्ली की तरह ही अक्टूबर दो हजार पच्चीस में मुंबई के अंदर भी ब्लिंकिट सर्विस से जुड़ा एक मामला सामने आया था। वहां एक डिलीवरी पार्टनर पर फीमेल कस्टमर के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद कंपनी ने कड़ा एक्शन लिया था।
सीसीटीवी वीडियो में आरोपी की हरकत साफ नजर आने के बाद ब्लिंकिट मैनेजमेंट ने खुद पुलिस स्टेशन में जाकर कंप्लेंट फाइल की थी। उन्होंने आरोपी एजेंट के खिलाफ लीगल कार्रवाई की मांग की। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने क्विक कॉमर्स कंपनियों की सिक्योरिटी गाइडलाइंस की पोल खोल कर रख दी है।
बेंगलुरु और पुणे में महिलाओं के साथ हुए खौफनाक अपराध
बेंगलुरु के आरटी नगर इलाके में भी एक विदेशी महिला के साथ बदसलूकी की घटना हुई थी। इक्कीस साल की एक ब्राजीलियाई मॉडल ने फूड डिलीवरी बॉय पर फिजिकल हैरेसमेंट का आरोप लगाया था। महिला ने बताया कि खाना डिलीवर करने आए उस एजेंट ने उसके साथ काफी गलत बर्ताव किया था।
ब्राजीलियाई मॉडल शुरुआत में काफी डर गई थी और उसने पुलिस को रिपोर्ट नहीं किया था। लेकिन बाद में हिम्मत जुटाकर उसने पुलिस स्टेशन में अपनी कंप्लेंट दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज होते ही आरोपी को ट्रेस किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। यह मामला विदेशी नागरिकों की सेफ्टी पर भी सवाल उठाता है।
पुणे के कोंढवा इलाके में तीन जुलाई दो हजार पच्चीस को एक बेहद खौफनाक वारदात हुई। एक क्रिमिनल कूरियर डिलीवरी एजेंट की यूनिफॉर्म पहनकर एक रेजिडेंशियल फ्लैट में घुस गया। पुलिस रिपोर्ट्स के मुताबिक उस वक्त बाइस साल की एक युवा लड़की अपने फ्लैट के अंदर बिल्कुल अकेली थी।
आरोपी ने लड़की का अकेलापन देखकर उसके साथ जबरदस्ती की और रेप जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया। वारदात के तुरंत बाद वह क्रिमिनल मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश के लिए कई स्पेशल टीमों का गठन भी किया गया है।
डिलीवरी और कैब सर्विसेज में महिला सुरक्षा पर उठे सवाल
इन सभी क्रिमिनल घटनाओं ने होम डिलीवरी सर्विसेज के सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। डोरस्टेप सर्विस देने वाली कंपनियों का बैकग्राउंड चेक सिस्टम कितना रिलायबल है, यह एक बड़ी बहस का मुद्दा बन गया है। कुछ लोगों की वजह से पूरी डिलीवरी इंडस्ट्री की इमेज खराब हो रही है।
हालांकि लाखों डिलीवरी बॉयज दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं और यह घटनाएं पूरे डिलीवरी वर्कफोर्स को रिप्रजेंट नहीं करती हैं। लेकिन कंपनियों को कस्टमर सेफ्टी के लिए अपने रूल्स और ज्यादा सख्त करने होंगे। ठीक इसी तरह कैब सर्विसेज में भी महिलाओं के साथ होने वाले हैरेसमेंट के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
अकेले रहने वाली महिलाओं और वर्किंग वुमन को अब ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है। डिलीवरी लेते समय डोर चेन या सिक्योरिटी कैमरे का इस्तेमाल करना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। सरकार और प्राइवेट कंपनियों को मिलकर विमेन सेफ्टी के लिए नए और कड़े सिक्योरिटी प्रोटोकॉल बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

