Delhi News: कांग्रेस ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल भेजने की पुलिस कार्रवाई की शनिवार को तीखी आलोचना की। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध करने के बुनियादी संवैधानिक अधिकारों को निशाना बना रही है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को कुचल रही है।
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि हमारा संविधान हर नागरिक को अपनी आवाज उठाने का अधिकार देता है। आज गृह मंत्रालय का रवैया देखकर लगता है कि उसने इसी अधिकार पर हमला किया है। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र आज अलोकतांत्रिक दल के कब्जे में है।
पवन खेड़ा ने दिल्ली पुलिस और नए आयुक्त पर साधा निशाना
पवन खेड़ा ने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है। इसी मंत्रालय ने बीते दिन दिल्ली को नया पुलिस आयुक्त दिया है। अगर आज की यह कार्रवाई नए आयुक्त का पहला संदेश है, तो साफ है कि उनकी वफादारी संवैधानिक कर्तव्य से ज्यादा सत्ता के प्रति है।
उन्होंने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महिला पहलवानों को सड़कों पर घसीटना हो या पूर्व सैनिकों से बदसलूकी, यह सरकार बार-बार अपनी सोच दिखा चुकी है। सरकार के लिए शांतिपूर्ण विरोध कोई लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है। वे इसे कानून-व्यवस्था की समस्या मानकर डंडे से कुचलना चाहते हैं।
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन बिगड़ी वांगचुक की तबीयत
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने बताया कि चिकित्सा सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर उन्हें भर्ती कराकर उपचार दिया जा रहा है।

