Dhaka News: यूरोपीय संघ यानी ईयू ने पाकिस्तान से भेजे गए चावल की कई बड़ी खेपों को वापस लौटा दिया है। जांच के दौरान इन खेपों में तय सीमा से अधिक कीटनाशक मिले हैं। इसी बीच बांग्लादेश सरकार पाकिस्तान से पचास हजार मीट्रिक टन चावल खरीदने का बड़ा फैसला ले रही है।
यूरोप में खाने-पीने की चीजों को लेकर बेहद कड़े नियम लागू हैं। वहां विदेशों से आयात होने वाले हर सामान की लैब टेस्ट के जरिए गहन जांच की जाती है। यदि कोई खाद्य सामग्री सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरती है, तो उसे तुरंत रिजेक्ट करके बाजार से पूरी तरह बाहर कर दिया जाता है।
बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच होने जा रहा है चावल समझौता
यूरोपीय संघ से चावल वापस होने के बाद बांग्लादेश अब पाकिस्तान से चावल आयात करने की तैयारी में है। दोनों देशों के बीच यह डील सरकारी समझौते के तहत पूरी होगी। अधिकारियों के मुताबिक जुलाई के पहले सप्ताह में इस महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
बांग्लादेश सरकार ने इस डील के पीछे घरेलू बाजार की जरूरतों का हवाला दिया है। सरकार अपने सरकारी अनाज भंडार को हमेशा मजबूत रखना चाहती है। इससे घरेलू बाजार में चावल की कीमतों को आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा और आम जनता को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हानिकारक तत्वों की मौजूदगी से खाद्य सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस डील को लेकर कई वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी चावल की कुछ पुरानी खेपों में अफ्लाटॉक्सिन नाम का अत्यंत हानिकारक तत्व भी मिला था। यह खतरनाक फफूंद लंबे समय तक शरीर में जाने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है।
जांच में केवल केमिकल ही नहीं बल्कि दस्तावेजों की कमी और गलत लेबल जैसी अन्य कमियां भी सामने आई हैं। जानकारों का कहना है कि बांग्लादेश को सिर्फ कम कीमत नहीं देखनी चाहिए। जनता की सेहत सुरक्षित रखने के लिए हर खेप की पूरी लैब जांच करवाना बहुत जरूरी कदम होगा।

