Ayodhya News: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष अन्वेषण दल यानी एसआईटी ने गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर बड़ी कार्रवाई की है। जांच टीम ने मंदिर परिसर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और सहायक प्रशासक गोपाल राव से एक साथ आमने-सामने पूछताछ की।
सूत्रों के मुताबिक 13 जून को गठित एसआईटी अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। इसके बाद जांच दल दूसरी बार मंदिर परिसर पहुंचा है। इससे पहले टीम ने सभी पदाधिकारियों से अलग-अलग पूछताछ की थी, लेकिन इस बार जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है।
दान गणना प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल
एसआईटी इस मामले में लापरवाही, जमीनों की खरीद-फरोख्त और कथित कमीशनबाजी के एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है। टीम ने अयोध्या पहुंचकर सबसे पहले ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा को पूछताछ के लिए घेरा। जांच दल ने उनसे दान में मिले कैश के प्रबंधन पर कई तीखे सवाल पूछे।
अन्वेषण दल ने अनिल मिश्रा से पूछा कि दान पात्रों की गणना कैसे होती है। काउंटिंग के बाद कैश को बैंक तक सुरक्षित कैसे पहुंचाया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन से लोग और प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड शामिल रहते थे। इसके साथ ही सोने-चांदी के आभूषणों को संभालने की प्रक्रिया की भी जानकारी ली गई।
महंगे आभूषणों और जमीन खरीद में कमीशनबाजी की जांच
इसके बाद एसआईटी ने मंदिर के सहायक प्रशासक गोपाल राव से पूछताछ शुरू की। गोपाल राव के पास महंगे आभूषणों और चढ़ावे को संभालने की मुख्य जिम्मेदारी थी। जांच टीम ने उनसे सोने-चांदी के आभूषणों के रखरखाव और मंदिर निर्माण के समय खरीदी गई जमीनों के दस्तावेजों पर सवाल किए।
ट्रस्ट पर जमीनों की खरीद-फरोख्त में भारी कमीशनबाजी के गंभीर आरोप लगे हैं। चूंकि गोपाल राव जमीनों के सत्यापन और खरीद में शामिल थे, इसलिए उनसे लंबी पूछताछ हुई। इसके अलावा काउंटिंग ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और ट्रस्ट के अन्य सदस्यों के भी अलग-अलग बयान दर्ज किए गए हैं।
बयानों के मिलान के लिए चंपत राय से पूछताछ
एसआईटी ने अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयानों का मिलान करने के लिए चंपत राय से भी लंबी बातचीत की। जांच दल यह स्पष्ट रूप से जानना चाहता था कि दोनों पदाधिकारियों के बयानों में कितनी सच्चाई है और क्या इनके बीच कोई आपसी तालमेल था।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस पूरे मामले में कौन सी जानकारियां छुपाई जा रही हैं और क्या सही बताया जा रहा है। एसआईटी अब इन बयानों के आधार पर अपनी अगली विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिससे मामले की परतें खुल सकेंगी।

