अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जांच अंतिम चरण में, मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता के लिए होगी सीईओ की नियुक्ति

Ayodhya News: अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। विशेष जांच टीम आगामी 15 जुलाई तक उत्तर प्रदेश शासन को अपनी अंतिम विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इस गोपनीय रिपोर्ट में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका और उनकी जिम्मेदारियों का साफ तौर पर उल्लेख किया जाएगा।

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सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए तकनीक का होगा इस्तेमाल

विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार को एक बार फिर अयोध्या का दौरा कर अपनी जांच को अंतिम रूप दे सकती है। माना जा रहा है कि इस गहन जांच में मिले नए तथ्यों के आधार पर कुछ अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। एसआईटी मंदिर के एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) और एमओयू (सहमति पत्र) की कमियों की भी सिलसिलेवार समीक्षा कर रही है।

मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए एसआईटी एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली की सिफारिश कर सकती है। इसके साथ ही चढ़ावे की गणना करने वाले कर्मचारियों की विशेष वेशभूषा बदलने और तीन-स्तरीय चेकिंग सिस्टम लागू करने का नया प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। दान की रकम को बैंक तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए हाई-टेक साधनों का प्रयोग होगा।

पारदर्शिता के लिए पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति तेज

चढ़ावा चोरी के इस गंभीर प्रकरण के बाद मंदिर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और पेशेवर बनाने की कवायद तेज हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के इतिहास में पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की आधिकारिक प्रक्रिया को काफी गति दे दी है। इसके लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष सर्च कमेटी जल्द ही ऑनलाइन बैठक करने जा रही है।

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यह कमेटी आवेदन की पूरी प्रक्रिया और चयन के कड़े मापदंडों को ऑनलाइन माध्यम से तय करेगी। सूत्रों के मुताबिक आगामी 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में इस चयन प्रक्रिया की प्रगति और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विस्तृत चर्चा हो सकती है। प्रशासन इस पद के लिए बेहद योग्य व्यक्ति की तलाश में जुटा है।

इन 10 कड़े मापदंडों के आधार पर होगा सीईओ का चयन

नए सीईओ का चयन केवल प्रशासनिक अनुभव के आधार पर नहीं किया जाएगा। सर्च कमेटी उम्मीदवार की व्यक्तिगत ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता, गहरी धार्मिक आस्था और बड़े संस्थानों के कुशल संचालन के अनुभव को भी गंभीरता से परखेगी। चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों का विस्तृत बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और व्यक्तिगत इंटरव्यू अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।

कमेटी उम्मीदवारों के मूल्यांकन के लिए करीब 10 प्रमुख मापदंड तय कर रही है, जिसके आधार पर ही इच्छुक योग्य आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। इसके बाद सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच, सेवा रिकॉर्ड के चरित्र सत्यापन और अंतिम इंटरव्यू के बाद चयनित योग्य नामों को अंतिम निर्णय के लिए सीधे ट्रस्ट के समक्ष रखा जाएगा।

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