Shimla News: हिमाचल की राजधानी शिमला में इस पर्यटन सीजन के दौरान रिकॉर्ड वाहनों की आमद दर्ज की गई। मई और जून 2026 के बीच शहर में 18.5 लाख से अधिक वाहन पहुंचे। भारी भीड़ के बावजूद शिमला पुलिस ने बेहतरीन योजना के साथ काम किया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रही और पर्यटकों को जाम से राहत मिली।
यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जवानों की संख्या 136 से बढ़ाकर 265 कर दी। इसमें 50 सिविल वालंटियर्स और 32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स को भी शामिल किया गया। इन राइडर्स ने तंग रास्तों पर त्वरित कार्रवाई करके जाम को खुलने में बड़ी भूमिका निभाई। पुलिस प्रशासन की इस विशेष तैयारी ने शहर की सड़कों पर भीड़ को नियंत्रित रखा।
शहर को पांच सेक्टरों में किया विभाजित
पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि पूरे शहर को प्रबंधन की दृष्टि से 5 सेक्टरों में बांटा गया था। हर सेक्टर की जिम्मेदारी ग्रेड-एक स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई थी, जो सड़कों पर खुद मौजूद रहे। तीन क्रेन और सेक्टर अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मिलकर किसी भी बाधा को तुरंत हटाने का काम बखूबी किया।
यातायात दबाव को कम करने के लिए पुलिस ने पर्यटकों को शोगी-मेहली बाईपास मार्ग के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया। इसका असर यह हुआ कि प्रतिदिन 800 वाहन मुख्य शहर में आने के बजाय वैकल्पिक मार्ग से गुजरे। सोशल मीडिया के माध्यम से पर्यटकों को रियल-टाइम अपडेट देने से भी शहर के भीतर ट्रैफिक का भारी दबाव कम हो गया।
बेहतर कार्य करने वालों को मिला सम्मान
यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों और वालंटियर्स को सम्मानित भी किया गया। 27 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक ने विशेष ब्रीफिंग के दौरान सराहनीय कार्य करने वाले 10 सिविल वालंटियर्स को प्रशस्ति-पत्र दिए। यह सम्मान टीम का मनोबल बढ़ाने और भविष्य में भी जिम्मेदारी से कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
पुलिस प्रशासन ने इस सफलता का श्रेय स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के सहयोग को दिया है। उन्होंने सभी से आगे भी यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। भविष्य के पर्यटन सीजन के लिए पुलिस ने और अधिक आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की योजना बनाई है, ताकि शिमला आने वाले मेहमानों को किसी भी तरह की कोई असुविधा न हो।

