Mandi News: हिमाचल प्रदेश का मनाली हाईवे अब मानसून के मौसम में सुरक्षित रहेगा। मंडी और कुल्लू के बीच स्थित बेहद संवेदनशील नौ मील क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा रहा है। यहां उनतालीस करोड़ रुपये की लागत से एक सौ साठ मीटर लंबी थ्री-लेयर सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी।
मानसून में नौ मील पर नहीं लगेगा लंबा जाम
यह नौ मील क्षेत्र हर साल वर्षा के मौसम में सबसे अधिक प्रभावित रहता है। पहाड़ी से मलबे और पत्थरों के गिरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग घंटों बंद रहता है। इससे सुरक्षा कारणों से वाहनों को रोकना पड़ता है और लंबा जाम लग जाता है। नई योजना के तहत अब सड़क को भी चौड़ा किया जाएगा।
मलबे से बचाव के लिए बनेगा फ्लाईओवरनुमा वायर डक्ट
दीर्घकालिक समाधान के लिए एक सौ पच्चीस करोड़ रुपये की लागत से वायर डक्ट यानी फ्लाईओवरनुमा संरचना बनाने का प्रस्ताव तैयार है। इसे जल्द ही अंतिम मंजूरी मिलने वाली है। इसके बनने से पहाड़ी से गिरने वाले मलबे का वाहनों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और यातायात बिना किसी बाधा के चलता रहेगा।
एनएचएआई के मंडी परियोजना निदेशक वरुण चारी ने बताया कि नौ मील पर भविष्य की दिक्कतों को देखते हुए पुख्ता सुरक्षा कार्य योजना पर काम चल रहा है। एनएचएआई संवेदनशील भागों पर स्थायी सुरक्षा ढांचा तैयार कर रहा है। तकनीकी प्रक्रिया पूरी होते ही इस निर्माण कार्य को तेजी से शुरू किया जाएगा।

