Himachal Pradesh News: शिमला जिले के रामपुर स्थित विशेष पोक्सो अदालत ने 12 स्कूली छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करने वाले एक कलयुगी शिक्षक को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी शिक्षक को सख्त सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया है। इस बड़े फैसले से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक कड़ा संदेश गया है।
नवोदय स्कूल के आरोपी शिक्षक ने पार की सारी हदें
दोषी शिक्षक की पहचान 46 वर्षीय रवि कांत झा के रूप में हुई है। वह मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के वारासेउनी गांव का रहने वाला है। वह यहां एक नवोदय स्कूल में आर्ट्स टीचर के पद पर तैनात था। आरोपी ने साल 2024 में कला की क्लास के दौरान मासूम छात्राओं को अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की थी।
आरोपी शिक्षक ने अलग-अलग दिनों में 12 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की और उनके शरीर को गलत तरीके से छुआ। पीड़ित छात्राओं ने हिम्मत दिखाकर इस घिनौनी हरकत की जानकारी अपनी स्कूल काउंसलिंग टीचर को दी। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए स्थानीय पुलिस को मामले की लिखित सूचना दी और केस दर्ज करवाया।
अदालत ने दोषी को भेजी जेल और लगाया भारी जुर्माना
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी शिक्षक को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कड़ी पैरवी की। सरकारी वकील ने कोर्ट के सामने कुल 25 गवाह पेश किए, जबकि बचाव पक्ष की तरफ से केवल एक गवाह का बयान दर्ज किया जा सका।
रामपुर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को सख्त सजा सुनाई। अदालत ने दोषी को पोक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत 7 साल के कठोर कारावास और 7,000 रुपए जुर्माने की सजा दी। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 (2) में 3 साल की जेल और 5,000 रुपए जुर्माना लगाया।
सरकार की ओर से इस संवेदनशील मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने बच्चों की सुरक्षा और समाज में कड़ा संदेश देने के लिए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस फैसले के बाद पीड़ित छात्राओं और उनके अभिभावकों ने न्याय प्रणाली के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
Author: Sunita Gupta

