शिमला MC की बैठक में हंगामे के बाद तीन गिरफ्तार, CCTV से खुली कथित जबरन एंट्री की पूरी कहानी

Shimla News: शिमला नगर निगम की जनरल हाउस बैठक में कथित हंगामे के बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला 29 मई 2026 को डीसी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल का है। पुलिस ने शिकायत, सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और गवाहों के बयानों के आधार पर कार्रवाई की है।

जिला पुलिस शिमला के अनुसार, डीसी कार्यालय में नगर निगम शिमला की सामान्य सभा चल रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर बैठक कक्ष में जबरन प्रवेश किया। आरोप है कि उन्होंने नारेबाजी की और सरकारी कार्यवाही में बाधा डाली, जिससे मौके पर कानून व्यवस्था प्रभावित हुई।

अतिरिक्त आयुक्त की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

इस घटना को लेकर नगर निगम शिमला के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भूवन शर्मा ने थाना सदर शिमला में शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अभियोग संख्या 68/2026 दर्ज किया। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 189(2), 191(2), 221 और 223 के तहत दर्ज किया गया।

पुलिस ने बताया कि केस दर्ज करने के बाद जांच टीम ने गवाहों के बयान लिए। इसके साथ ही कॉन्फ्रेंस हॉल और आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। उपलब्ध वीडियो और दूसरे साक्ष्यों की जांच के बाद 30 मई 2026 को तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

CCTV और वीडियो बने जांच का आधार

गिरफ्तार किए गए लोगों में विजेन्द्र मैहरा पुत्र हुक्म चंद का नाम शामिल है। वह बाबा बिल्डिंग, बाबा मार्केट, एजीपीओ शिमला के निवासी बताए गए हैं। उनकी उम्र 48 वर्ष है। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ पहले भी लगभग 50 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं।

दूसरे गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान बालक राम पुत्र दीप राम के रूप में हुई है। वह किसान मजदूर भवन, चिटकारा पार्क, शिमला के निवासी बताए गए हैं। उनकी उम्र 45 वर्ष है। पुलिस का कहना है कि उनके खिलाफ पूर्व में 10 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।

तीसरे आरोपित विवेक कश्यप पुत्र परमानंद कश्यप हैं। पुलिस के अनुसार, वह शनान, मल्याणा, शिमला के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 48 वर्ष है। उनके खिलाफ पहले दो आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच रही है।

पुलिस ने साफ किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और शांति व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी जारी है। घटना से जुड़े वीडियो, फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

यह मामला नगर निगम की बैठक की सुरक्षा और सरकारी कार्यवाही की मर्यादा से भी जुड़ गया है। पुलिस ने कहा कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि घटना में कौन लोग सक्रिय रूप से शामिल थे।

Author: Raj Thakur

Hot this week

Related Articles

Popular Categories