चेस्टर हिल जमीन घोटाले में बड़ा एक्शन: क्या अब सरकार जब्त करेगी करोड़ों की प्रॉपर्टी?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने चेस्टर हिल जमीन विवाद में बेहद सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने सोलन जिले के उपायुक्त को इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। राजस्व विभाग ने लिखित आदेश जारी कर एसडीएम की रिपोर्ट पर जांच तेज करने को कहा है। सरकार ने भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 के उल्लंघन की जांच के आदेश दिए हैं। इस एक्शन से भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया है।

सरकार करेगी विवादित जमीन को जब्त

सरकार के इन सख्त आदेशों के बाद इस बहुचर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई की पूरी संभावना है। इस प्रोजेक्ट में शामिल लोगों पर जल्द ही गाज गिर सकती है। प्रशासन इस संभावित घोटाले की बहुत बारीकी से जांच कर रहा है। राजस्व विभाग के अनुसार जांच में बेनामी लेनदेन या नियमों का उल्लंघन साबित होने पर कड़ी सजा मिलेगी। अगर ऐसा होता है तो सरकार इस पूरी विवादित जमीन को तुरंत अपने कब्जे में ले लेगी।

एसडीएम की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

सोलन के एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में कई बहुत ही हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रोजेक्ट की जमीन केवल कागजों में एक स्थानीय किसान के नाम पर दर्ज थी। लेकिन इस पूरी जमीन का वास्तविक नियंत्रण एक बाहरी बिल्डर कंपनी के पास था। इस कंपनी ने विकास समझौते के नाम पर जमीन के सारे मुख्य अधिकार हथिया लिए थे। सीमित आय वाले व्यक्ति द्वारा इतनी बड़ी जमीन खरीदना भी गहरे संदेह के घेरे में है।

बिल्डर के खाते में जमा हुए खरीदारों के पैसे

एसडीएम की रिपोर्ट से बिल्डर कंपनी के पूरे वित्तीय नियंत्रण की साफ पुष्टि होती है। फ्लैट खरीदने वाले लोगों ने जो भी भुगतान किया वह सीधे बिल्डर फर्म के बैंक खातों में जमा हुआ। इस मामले पर हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि एसडीएम की रिपोर्ट में कई बड़ी अनियमितताएं उजागर हुई हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त को कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

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