Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कुल्लू जिला के मशहूर पर्यटन स्थल कसोल में होने वाली कथित रेव पार्टियों पर कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाकर निरीक्षण करने का सख्त आदेश दिया है।
कुल्लू जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को तत्काल जांच के निर्देश दिए
न्यायाधीश रोमेश वर्मा ने कुल्लू के जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव को आदेश दिए हैं कि वे स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मदद से इस जगह का तुरंत दौरा करें। कोर्ट ने इस पूरी जांच की विस्तृत रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर पेश करने के निर्देश जारी किए हैं।
इसके साथ ही माननीय कोर्ट ने कुल्लू के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक को भी कड़े निर्देश दिए हैं। दोनों बड़े अधिकारियों को इस मामले में अपने निजी हलफनामा दाखिल करने होंगे। कोर्ट ने सोशल मीडिया और समाचारों में छपी खबरों पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
चार दिवसीय हाई-प्रोफाइल इवेंट के लिए सोशल मीडिया पर भारी प्रचार
इस गंभीर मामले की अगली सुनवाई 18 जून 2026 को निर्धारित की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कसोल को मिनी इजरायल भी कहा जाता है। यहां 7 जून से 11 जून 2026 तक एक बड़े चार दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन धड़ल्ले से किया जा रहा था।
इस हाई-प्रोफाइल इवेंट का आयोजन संस्था द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बहुत जोर-शोर से प्रचारित किया जा रहा है। युवाओं को आकर्षित करने के लिए तेज आवाज वाले म्यूजिक वीडियो इंटरनेट पर वायरल किए जा रहे हैं। इस पार्टी में भारी भीड़ जुटने का दावा किया गया है।
हजारों रुपये के टिकट और वीआईपी लोगों के बड़े राजनीतिक संरक्षण का दावा
इस पार्टी के लिए एंट्री टिकट की कीमतें प्रति प्रतिभागी 10,000 रुपये से लेकर 16,000 रुपये के बीच रखी गई हैं। इतने महंगे टिकटों के बावजूद इस कार्यक्रम के लिए करीब 10,000 लोगों ने बुकिंग की है। इसके मुख्य आयोजक इजरायली नागरिक बताए जा रहे हैं।
इस कथित रेव पार्टी में शामिल होने के लिए दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़, बेंगलुरू, हैदराबाद, गोवा और विदेशों से भी लोग पहुंच रहे हैं। पिछले साल भी हिमालयन एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन सोसाइटी ने कसोल, मनाली और जिभी में पर्यटन के नाम पर हो रही ड्रग पार्टियों का मुद्दा उठाया था।
इस तरह के अवैध आयोजनों में रसूखदार लोगों और बड़े राजनीतिक संरक्षण की बात सामने आई है। ऐसी पार्टियों में एंट्री टिकट की कीमत कई बार 5,000 रुपये से लेकर 7 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। कोर्ट ने अब राज्य सरकार को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
Reported By: Sunita Gupta

