ओडिशा में रिटायरमेंट से छह दिन पहले घूसखोर सरकारी इंजीनियर गिरफ्तार, आलीशान मकान की छत पर मिला स्विमिंग पूल

- Advertisement -

Rayagada News: ओडिशा के रायगड़ा जिले में विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीण विकास विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर प्रसन्न कुमार पटनायक को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी अधिकारी महज छह दिन बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे।

विजिलेंस टीम ने आरोपी इंजीनियर के खिलाफ एक स्थानीय ठेकेदार की शिकायत पर यह कार्रवाई की है। ठेकेदार ने सरकारी विकास कार्यों के लगभग 50 लाख रुपये के लंबित बिलों के भुगतान और नए टेंडर में भाग लेने के लिए आवश्यक कार्य अनुभव प्रमाणपत्र जारी करने की गुहार लगाई थी।

- Advertisement -

लाखों की घूस मांगने वाले इंजीनियर को विजिलेंस ने जाल बिछाकर दबोचा

आरोप है कि इन प्रशासनिक कार्यों को पूरा करने के एवज में प्रसन्न कुमार पटनायक ने ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ठेकेदार ने इतनी बड़ी रकम देने में लाचारी जताई। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत में घूस की अंतिम राशि दो लाख रुपये तय हुई थी।

इस अनैतिक मांग से परेशान होकर ठेकेदार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क किया। विजिलेंस के अधिकारियों ने शिकायत की पुष्टि के बाद एक सीक्रेट प्लान तैयार किया। टीम ने केमिकल लगे नोट देकर ठेकेदार को भेजा और घूस लेते समय इंजीनियर को रंगे हाथों दबोच लिया।

आलीशान कोठी की छत पर बना प्राइवेट स्विमिंग पूल देखकर अधिकारी दंग

सफल कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी के कब्जे से घूस की पूरी रकम बरामद कर ली। इसके तुरंत बाद जांच अधिकारियों ने इंजीनियर के भुवनेश्वर, नयागढ़ और रायगड़ा स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इस दौरान उनकी अकूत काली कमाई का खुलासा हुआ।

भुवनेश्वर के वीआईपी इलाके नंदन विहार स्थित बसुंधरा कॉलोनी में आरोपी का भव्य तीन मंजिला बंगला देखकर विजिलेंस टीम हैरान रह गई। इस आलीशान कोठी की छत पर एक आधुनिक स्विमिंग पूल बना हुआ है। प्रॉपर्टी के इस पूरे रिकॉर्ड को अब सीज कर दिया गया है।

सरकारी आवास से बरामद हुए लाखों कैश, कोरापुट थाने में मुकदमा दर्ज

विजिलेंस की तलाशी के दौरान रायगड़ा स्थित उनके सरकारी क्वार्टर से 3.39 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी मिली है। घूस की रकम को मिलाकर अब तक कुल 5.39 लाख रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं। इस संबंध में कोरापुट विजिलेंस थाने में मामला दर्ज हुआ है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत इस एफआईआर को दर्ज कर आगे की तफ्तीश की जा रही है। जांच टीम अब आरोपी इंजीनियर की अन्य चल-अचल संपत्तियों, बैंक लॉकरों और आय के अज्ञात स्रोतों का पूरा ब्योरा जुटाने में लगी हुई है।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles