बिहार में घूसखोर महिला सब इंस्पेक्टर पूनम कुमारी को तीन साल की जेल, विशेष कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

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Hajipur News: बिहार की एक विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार के गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। हाजीपुर नगर थाने में तैनात रहीं तत्कालीन महिला सब इंस्पेक्टर पूनम कुमारी को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

विशेष विजिलेंस कोर्ट ने दोषी महिला पुलिस अधिकारी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त तीन महीने का साधारण कारावास भुगतना होगा। इस फैसले से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

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बस रिलीज कराने के नाम पर मांगी थी हजारों की रिश्वत

यह पूरा मामला 14 नवंबर 2024 का है। तत्कालीन महिला सब इंस्पेक्टर पूनम कुमारी पर एक ट्रैवल एजेंसी के मैनेजर से रिश्वत मांगने का संगीन आरोप लगा था। उन्होंने डीटीओ ऑफिस से एक जब्त बस को रिलीज कराने के लिए कागजी कार्रवाई के एवज में घूस मांगी थी।

आरोप के मुताबिक महिला दारोगा ने नितेश बस सर्विस के प्रबंधक पंकज कुमार द्विवेदी से पत्राचार करने के लिए 10 हजार रुपये की डिमांड की थी। पीड़ित मैनेजर भ्रष्टाचार के आगे झुका नहीं। उसने इस अवैध मांग की लिखित शिकायत तुरंत विशेष निगरानी इकाई यानी एसवीयू से कर दी।

निगरानी ब्यूरो ने बिछाया जाल, निजी आवास से रंगे हाथों गिरफ्तारी

मैनेजर से पुख्ता शिकायत मिलने के बाद विशेष निगरानी इकाई की टीम ने त्वरित एक्शन लिया। जांच एजेंसी ने आरोपी महिला सब इंस्पेक्टर को पकड़ने के लिए एक मजबूत जाल बिछाया। निगरानी की टीम ने केमिकल लगे नोट देकर शिकायतकर्ता को तय रणनीति के तहत भेजा था।

विजिलेंस की टीम ने हाजीपुर स्थित पूनम कुमारी के निजी आवास पर दबिश दी। टीम ने उन्हें तय घूस की रकम लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ पटना के एसवीयू थाने में कांड संख्या 06/2024 के तहत केस दर्ज किया गया था।

विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की कोर्ट ने दी सख्त सजा

इस हाई-प्रोफाइल मामले की नियमित सुनवाई पटना स्थित विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस) अतुल कुमार सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने अकाट्य डिजिटल साक्ष्य, गवाह और केमिकल टेस्ट की रिपोर्ट पेश की। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पूनम कुमारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया। गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी महिला पुलिस अधिकारी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थीं। इस सख्त अदालती फैसले के बाद बिहार पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

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