हिमाचल सचिवालय में बड़ा फर्जीवाड़ा: लेटर पैड कांड में फंसे प्रधान संदीप, रातों-रात छिने सभी अधिकार

Himachal News: हिमाचल प्रदेश सचिवालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ में एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। संघ के प्रधान संदीप पर फर्जी लेटर पैड छपवाने और उसका मनमाना उपयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। बुधवार को वरिष्ठ उपप्रधान संजय की अध्यक्षता में कार्यकारिणी की एक अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में कड़ा फैसला लेते हुए प्रधान संदीप को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इस घटना से सचिवालय में हड़कंप मच गया है।

- Advertisement -

फर्जी लेटर पैड से बिना बताए जारी किए आदेश

कार्यकारिणी की बैठक में सभी सदस्यों ने प्रधान की इस मनमानी पर कड़ा विरोध जताया। जांच में पता चला कि प्रधान ने संगठन के नाम पर एक फर्जी लेटर पैड छपवाया था। हैरान करने वाली बात यह है कि इस बारे में किसी भी अन्य पदाधिकारी को कोई जानकारी नहीं दी गई थी। कार्यकारिणी ने इस कृत्य को संगठन के स्थापित नियमों के सख्त खिलाफ माना है। सदस्यों ने इसे संस्था की गरिमा पर एक बहुत बड़ा आघात बताया है।

सभी अधिकारों से किए गए वंचित, दस्तावेज हुए अमान्य

बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रधान के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव के तहत 29 अप्रैल से संदीप को संगठन के हर तरह के कामकाज से पूरी तरह अलग कर दिया गया है। संदीप के हस्ताक्षर से जारी किए गए सभी पत्र, आवेदन और जरूरी दस्तावेज भी तत्काल प्रभाव से अमान्य घोषित कर दिए गए हैं। अब वह संगठन की तरफ से कोई भी आधिकारिक फैसला या पत्राचार नहीं कर सकेंगे।

कारण बताओ नोटिस जारी, दो दिन में मांगा जवाब

प्रधान को सभी पदों से हटाने के साथ ही एक सख्त कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। कार्यकारिणी ने इस नोटिस का स्पष्ट जवाब देने के लिए केवल दो दिन का समय दिया है। बैठक में यह साफ कर दिया गया है कि उनके स्पष्टीकरण के आधार पर ही अगली दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। बैठक में संघ के कई अन्य अहम पदाधिकारी और सदस्य विशेष रूप से मौजूद रहे। इस घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles