Nahan News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अपमानजनक पोस्ट करने का मामला गरमा गया है। जिला मुख्यालय नाहन में कांग्रेस लीगल सेल ने इस पूरे प्रकरण को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। वकीलों के एक बड़े शिष्टमंडल ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से मुलाकात की है।
लीगल सेल ने पुलिस कप्तान को सौंपी शिकायत
कांग्रेस लीगल सेल के जिला सिरमौर मुख्य संयोजक और वरिष्ठ वकील वीरेंद्र पाल की अगुवाई में इस डेलीगेशन ने पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी से सीधे मुलाकात की। वकीलों ने हाईकोर्ट के वकील विनय शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करने की मांग को लेकर एक फॉर्मल शिकायत पत्र सौंपा।
इस लिखित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक जैसे पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के सीनियर ऑफिसर्स के खिलाफ लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। लीगल सेल के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन से इन सभी विवादित पोस्टों के डिजिटल एविडेंस को तुरंत सुरक्षित करने की अपील की है।
संवैधानिक पद की गरिमा का हनन बर्दाश्त नहीं
लीगल सेल ने पुलिस विभाग से दोषी व्यक्ति के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का पुरजोर आग्रह किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र पाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर किसी भी सरकार की नीतियों का विरोध करने का मौलिक अधिकार देश के सभी नागरिकों को मिला हुआ है।
उन्होंने साफ कहा कि विरोध के नाम पर मुख्यमंत्री जैसे गरिमामयी संवैधानिक पद का अपमान करना और किसी का व्यक्तिगत कैरेक्टर एसासिनेशन करना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। कानून के तय दायरे से बाहर जाकर भाषा की मर्यादा लांघने वाले तत्वों पर पुलिस को बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्षता से काम करना चाहिए।

