Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सनी गिल नामक युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मुस्तैद पुलिस टीम ने वारदात के महज 28 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाश लगातार पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे।
आरोपियों ने 24 घंटे में बदलीं आठ गाड़ियां
पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। शातिर अपराधियों ने महज 24 घंटे के भीतर आठ अलग-अलग व्हीकल्स का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद अलर्ट पुलिस ने बेहतरीन टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन, सीसीटीवी फुटेज और सीक्रेट इनफार्मेशन के आधार पर उन्हें बंजार एरिया से धर दबोचा।
यह वारदात 8 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे मंडी-भराड़ी के पास हुई थी। वहां सनी गिल पर दो लोगों ने तेज हथियारों से जानलेवा हमला किया था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत एक्शन में आई। पुलिस ने घायल को हॉस्पिटल पहुंचाकर सदर बिलासपुर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया।
भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने इस गंभीर वारदात को लेकर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को पकड़ने के लिए सीनियर ऑफिसर्स ने कई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमों का गठन किया था, जिन्होंने रात-दिन काम किया।
इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पहले से ही पूरी प्लानिंग की थी। उन्होंने हाईवे से बचते हुए केवल लिंक रोड्स का इस्तेमाल किया। वह सीसीटीवी कैमरों और पुलिस नाकों से लगातार दूर भाग रहे थे ताकि पुलिस की नजरों में न आएं।
जंगलों में छिपे थे शातिर अपराधी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों मुख्य आरोपी बरठीं और बंजार के घने जंगलों में छिपे हुए थे। उन्होंने डिजिटल ट्रैकिंग से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन भी बंद कर दिए थे। बिलासपुर पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल एविडेंस का बारीकी से एनालिसिस करके इस गुत्थी को सुलझाया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी सौरभ पटियाल उर्फ फांदी और कुलभूषण ठाकुर उर्फ लक्की को बंजार से अरेस्ट किया। इस वारदात की साजिश रचने और अपराधियों को लॉजिस्टिक्स व गाड़ियां उपलब्ध कराने के आरोप में तीन अन्य मददगारों धीरज धर्माणी, सूर्या चंदेल और अनिल कुमार को भी पकड़ा गया है।

