Mumbai News: भारतीय कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को सुबह के कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की जा रही है। विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और स्थानीय सर्राफा बाजार में कमजोर मांग के कारण यह स्थिति बनी है। आज सुबह एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।
एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों के भाव में दर्ज की गई गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर आज सुबह 9:30 बजे अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.30% गिरकर 1,44,861 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण 0.11% टूटकर 2,26,137 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें इस हफ्ते गिरावट के साथ बंद होती दिख रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक बाजार में महंगाई बढ़ने की आशंका है। इसके कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल अपनी ब्याज दरें बढ़ा सकता है, जिससे सोने पर लगातार दबाव बना हुआ है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और अमेरिकी फेड की सख्त मौद्रिक नीति
सिंगापुर के बाजारों में सुबह स्पॉट गोल्ड 4,123.22 डॉलर प्रति औंस पर देखा गया, जिसमें इस हफ्ते करीब 1.3% की गिरावट आ चुकी है। मिडिल ईस्ट में हवाई हमले तेज होने और अमेरिका द्वारा ईरान पर तेल प्रतिबंध फिर से लागू करने से होर्मुज मार्ग से होने वाले व्यापार पर अनिश्चितता बढ़ गई है।
सोने के कारोबारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि फेडरल रिजर्व महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें ऊंची रख सकता है। सख्त मौद्रिक नीति आमतौर पर सोने के निवेश के लिए नकारात्मक मानी जाती है। इसके अलावा न्यूयॉर्क फेड ने एआई तकनीकों से पैदा होने वाली मांग और महंगाई पर भी नजर रखी हुई है।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सहारा और भविष्य के लिए विशेषज्ञों का अनुमान
पिछले साल फरवरी से शुरू हुए वैश्विक तनाव के बाद से सोने की कीमतें काफी प्रभावित हुई हैं। मुनाफावसूली के चलते हाल ही में सोना नवंबर के बाद पहली बार 4,000 डॉलर के स्तर से नीचे चला गया था। हालांकि, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी अब भी सोने की कीमतों के लिए एक बड़ा सहारा बनी हुई है।
चीन के पीपुल्स बैंक ने जून में बड़े पैमाने पर सोना खरीदा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के ताजा सर्वे के मुताबिक, कई केंद्रीय बैंक अगले 12 महीनों में अपने भंडार को और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। एचएसबीसी के मेटल एनालिस्ट जेम्स स्टील के अनुसार, मजबूत अमेरिकी डॉलर सोने की तेजी में बड़ी बाधा बन सकता है।

