Bristol News: इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी-20 मैच में करारी हार के साथ ही भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में लगातार पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच हारने वाले पहले कप्तान बन गए हैं। इस हार से टीम इंडिया का सीरीज जीतने का सपना टूट गया।
बारह साल बाद इंग्लैंड ने भारत से जीती द्विपक्षीय सीरीज
हैरी ब्रूक की अगुवाई वाली इंग्लिश टीम ने ब्रिस्टल में खेले गए मुकाबले को 9 विकेट से जीत लिया। इस धमाकेदार जीत के साथ ही मेजबान इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इंग्लैंड ने पूरे 12 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत के खिलाफ कोई टी-20 द्विपक्षीय सीरीज अपने नाम की है।
सात साल बाद टीम इंडिया को लगातार दो टी-20 सीरीज में मिली हार
भारतीय क्रिकेट टीम को सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बैक टू बैक यानी लगातार दो टी-20 सीरीज में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। कुछ दिनों पहले आयरलैंड ने इतिहास रचते हुए भारत को सीरीज में 2-0 से शिकस्त दी थी। इसके तुरंत बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ भी भारतीय टीम को सीरीज गंवानी पड़ी है।
चयनकर्ताओं के फैसले पर खड़े हुए बड़े सवाल
युवा खिलाड़ियों से सजी इस टीम के खराब प्रदर्शन ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर को सोचने पर मजबूर कर दिया है। चयनकर्ताओं ने वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव को हटाकर श्रेयस अय्यर को कमान सौंपी थी। हालांकि, बतौर कप्तान श्रेयस अभी तक एक भी मैच जीतने में नाकाम रहे हैं।
सूर्यकुमार और श्रेयस की कप्तानी के आंकड़ों में बड़ा अंतर
आंकड़ों की बात करें तो सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय टीम को पांच मैच हारने में पूरे दो साल का समय लगा था। इसके विपरीत श्रेयस अय्यर के कप्तान बनते ही टीम इंडिया ने महज 14 दिनों के भीतर ही पांच मुकाबले गंवा दिए। इस तरह टी-20 फॉर्मेट में चैंपियंस की तरह खेलने वाली टीम अचानक बैकफुट पर आ गई है।
कप्तानी में फ्लॉप पर बल्ले से चमके श्रेयस अय्यर
बतौर कप्तान भले ही श्रेयस का आगाज खराब रहा हो, लेकिन बल्ले से उनका शानदार फॉर्म जारी है। चौथे टी-20 मैच में जहां बाकी बल्लेबाज पूरी तरह फ्लॉप रहे, वहीं अय्यर ने 49 गेंदों पर अकेले 80 रनों की बेहतरीन पारी खेली। वह चार मैचों में 190 रन बनाकर फिलहाल इस सीरीज के टॉप स्कोरर बने हुए हैं।

