Panchkula News: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 657 करोड़ रुपये के बड़े बैंक घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड (एचएलडब्ल्यूबी) के अकाउंट्स ऑफिसर जुगल किशोर और कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत अकाउंटेंट अमित कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों पर 50 करोड़ रुपये के सरकारी फंड की हेराफेरी का आरोप है।
सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी ने दोनों अधिकारियों को पूछताछ के लिए सोमवार को चंडीगढ़ स्थित अपने मुख्य कार्यालय में बुलाया था। वहां देर रात लंबी पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर उन्हें अरेस्ट किया गया।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते से ट्रांसफर हुए 50 करोड़ रुपये
बुधवार को दोनों आरोपियों को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में मौजूद हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के आधिकारिक खाते से फर्जी डेबिट ट्रांजेक्शन किए गए थे। इसके जरिए करीब 50 करोड़ रुपये की सरकारी राशि अवैध रूप से निकाली गई।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि इस वित्तीय अपराध में दोनों आरोपियों की सीधी भूमिका के पर्याप्त डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं। पुलिस रिमांड के दौरान केंद्रीय एजेंसी इस पूरे फंड ट्रेल, ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया, इस साजिश में शामिल अन्य बड़े सहयोगियों की भूमिका और पूरी बैंकिंग धोखाधड़ी की कड़ियों को जोड़ेगी।
फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में भेजी गई सरकारी राशि
जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बोर्ड के खाते से गायब की गई भारी-भरकम राशि को विभिन्न बोगस कंपनियों में भेजा गया। इस फंड को कैपको फिनटेक सर्विसेज, एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स जैसी फर्जी शेल कंपनियों के बैंक खातों में अवैध रूप से स्थानांतरित किया गया था।

