Health News: बारिश के मौसम में उमस और पसीने से राहत पाने के लिए लोग रातभर एयर कंडीशनर (AC) चलाकर सोना पसंद करते हैं। AC कमरे की नमी (Humidity) कम करके आरामदायक माहौल तो बना देता है, लेकिन अगर इसका इस्तेमाल सही तरीके से न किया जाए तो सेहत पर इसका बेहद बुरा असर पड़ सकता है।
इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में AC का तापमान बहुत कम रखना और लंबे समय तक इसे लगातार चालू रखना कई शारीरिक बीमारियां बढ़ा सकता है। बारिश के मौसम में हवा में नमी पहले से ही ज्यादा होती है, इसलिए AC की सफाई और तापमान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
बरसात के दिनों में कितना होना चाहिए AC का सही तापमान?
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दिनों में वातावरण पहले से ही ठंडा और नम रहता है, इसलिए AC को बहुत कम तापमान पर चलाने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। आमतौर पर इस मौसम में 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रखना शरीर के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।
आप शुरुआत में कुछ घंटों के लिए AC चला सकते हैं ताकि कमरे का उमस भरा माहौल ठीक हो जाए। इसके बाद तापमान सामान्य होने पर पंखे की सामान्य हवा भी काफी आरामदायक लगती है। रात में सोते समय AC में टाइमर (Timer) का इस्तेमाल करना एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
रातभर AC में सोने से हो सकती हैं ये 7 बड़ी समस्याएं
1. गले और नाक में सूखापन: AC की लगातार ठंडी हवा कमरे की नमी को पूरी तरह सोख लेती है। लंबे समय तक ऐसी सूखी हवा में सांस लेने से नाक और गले में सूखापन, जलन या खराश महसूस होने लगती है, जो आगे चलकर सर्दी का रूप ले लेती है।
2. एलर्जी और संक्रमण का खतरा: अगर AC का फिल्टर (Filter) समय पर साफ नहीं किया जाता है, तो उसमें धूल, फंगस और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। जब AC चलता है, तो यह दूषित हवा कमरे में फैलती है, जिससे छींक आना, नाक बंद होना और खांसी जैसी एलर्जी हो सकती है।
3. अस्थमा मरीजों के लिए घातक: बहुत ज्यादा ठंडी और कृत्रिम हवा कुछ लोगों में अस्थमा (Asthma) या सांस से जुड़ी पुरानी बीमारियों को अचानक ट्रिगर कर सकती है। ऐसे मरीजों को AC का तापमान हमेशा संतुलित रखना चाहिए और कमरे की साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखना चाहिए।
4. त्वचा और आंखों में ड्राइनेस: लंबे समय तक बंद AC कमरे में रहने से हवा बहुत ज्यादा शुष्क हो जाती है। इसका सीधा असर हमारी बॉडी पर पड़ता है, जिससे त्वचा में खिंचाव, आंखों में सूखापन (Dry Eyes), जलन और होंठ फटने जैसी कॉस्मेटिक और मेडिकल समस्याएं होने लगती हैं।
5. साइनस की समस्या का बढ़ना: ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से कुछ लोगों को नाक की नलियों में जकड़न और साइनस के गंभीर लक्षण महसूस हो सकते हैं। गंदे फिल्टर से हवा में फैलने वाली फफूंद इस समस्या को कई गुना ज्यादा संवेदनशील और दर्दनाक बना देती है।
6. मांसपेशियों और जोड़ों में अकड़न: बहुत ठंडे कमरे में लगातार कई घंटों तक लेटे रहने से शरीर की मांसपेशियों और जोड़ों में जकड़न महसूस हो सकती है। खासकर जिन लोगों को पहले से ही आर्थराइटिस (Gout) या हड्डियों की कमजोरी है, उनका दर्द ठंड के कारण काफी बढ़ जाता है।
7. भयंकर सिरदर्द और थकान: अगर AC वाले कमरे में ताजी हवा के आने-जाने का सही वेंटिलेशन (Ventilation) नहीं है, तो कमरे में ऑक्सीजन का स्तर प्रभावित होता है। इसके कारण सुबह उठने पर कई लोगों को सिरदर्द, सिर में भारीपन, चिड़चिड़ापन और दिनभर थकान महसूस होती है।
AC इस्तेमाल करते समय इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
डॉक्टरों के मुताबिक, मानसून के दौरान बीमारियों से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं। हमेशा AC का तापमान 24 डिग्री से ऊपर रखें और फिल्टर की नियमित सर्विसिंग करवाएं। दिन में कुछ देर के लिए कमरे की खिड़कियां खोलें ताकि ताजी हवा (Fresh Air) अंदर आ सके।
रात को सोते समय हमेशा ऑटो-टाइमर सेट करें ताकि कमरा जरूरत से ज्यादा ठंडा न हो पाए। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या सांस की गंभीर समस्या वाले मरीजों को पसीने से राहत पाने के लिए केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सीमित समय के लिए AC का उपयोग करना चाहिए।

