Career News: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के बड़कोट से सफलता की एक बेहद प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। अपनी कड़ी मेहनत, अटूट अनुशासन और निरंतर प्रयासों के दम पर क्षेत्र के होनहार युवा देवाशीष जगूड़ी ने राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पहले ही प्रयास में राज्य कर अधिकारी (State Tax Officer) के पद पर चयनित होकर इतिहास रच दिया है।
जवाहर नवोदय विद्यालय और पंतनगर यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई
बड़कोट नगर पालिका के वार्ड संख्या सात के रहने वाले देवाशीष जगूड़ी बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज रहे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, धुनगिरी (पुरोला) से पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से बीटेक (B.Tech) की डिग्री हासिल की।
देवाशीष के पिता परशुराम जगूड़ी उत्तराखंड के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र का एक बड़ा नाम हैं और वर्तमान में भाजपा के जिला महामंत्री के रूप में कार्यरत हैं। वहीं उनकी माता एक कुशल गृहिणी हैं। देवाशीष ने अपनी इस शानदार और बड़ी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया है।
बड़े लक्ष्य के लिए छोड़ दी थी वन दरोगा की नौकरी
देवाशीष की इस सफलता की सबसे खास बात यह है कि साल दो हजार पच्चीस में उनका चयन वन दरोगा के पद पर भी हो चुका था। सरकारी नौकरी हाथ में होने के बावजूद उन्होंने छोटे पद पर रुकने के बजाय अपने बड़े लक्ष्य पर फोकस किया। उन्होंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी जारी रखी और पहली बार में ही अधिकारी बनकर दिखाया।
देवाशीष की इस अभूतपूर्व उपलब्धि से पूरे बड़कोट क्षेत्र में खुशी का माहौल बना हुआ है। उनके घर पर सुबह से ही बधाई देने वाले स्थानीय लोगों, रिश्तेदारों और गणमान्य व्यक्तियों का तांता लगा हुआ है। क्षेत्र के युवाओं के लिए वे एक रोल मॉडल बनकर उभरे हैं, जिन्होंने साबित किया कि दृढ़ संकल्प से सब कुछ मुमकिन है।
युवाओं को दिया हर दिन 6 घंटे सेल्फ स्टडी का मूलमंत्र
अपनी सफलता की रणनीति साझा करते हुए देवाशीष जगूड़ी ने प्रदेश के युवा अभ्यर्थियों को एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर आपका लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट है और आप बिना रुके निरंतर प्रयास करते हैं, तो सफलता का मिलना बिल्कुल तय है।
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से कहा कि किसी भी बड़ी परीक्षा को पास करने के लिए महंगे कोचिंग संस्थानों से ज्यादा खुद की मेहनत जरूरी है। प्रतिदिन कम से कम पांच से छह घंटे का गहन स्वाध्याय (Self Study) और पूरी तरह से नियमित रहकर तैयारी करना ही सफलता की दिशा में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है।
Author: Rashmi Sharma


