Delhi News: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की 12वीं क्लास की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बोर्ड ने 2 जून से 7 जून तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए थे। इस तय समय सीमा में करीब 1.6 लाख छात्रों ने 3.8 लाख कॉपियों की रीचेकिंग के लिए फॉर्म भरा है।
इस पूरी आवेदन प्रक्रिया के बाद बोर्ड ने कई छात्र-छात्राओं के फॉर्म को स्वीकार नहीं किया है। इस अप्रत्याशित फैसले के बाद से स्टूडेंट्स और उनके अभिभावक बेहद परेशान नजर आ रहे हैं। इस बढ़ते विवाद और भ्रम की स्थिति को देखते हुए अब सीबीएसई ने अपनी तरफ से एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर दिया है।
क्यों आ रहा रोल नंबर नॉट फाउंड का एरर?
कई छात्रों को कॉपी रीचेक करने के आवेदन के दौरान स्क्रीन पर ‘रोल नंबर नॉट फाउंड’ का मैसेज मिल रहा है। इस तकनीकी समस्या को लेकर छात्र लगातार चिंता जता रहे थे। सीबीएसई ने इस पर साफ किया है कि इसके लिए बोर्ड ने पहले ही एक सख्त और अनिवार्य नियम निर्धारित किया हुआ था।
बोर्ड के नियमों के अनुसार केवल वही स्टूडेंट्स पुनर्मूल्यांकन के लिए डिजिटल फॉर्म भर सकते थे, जिन्होंने तय तारीख में अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए पहले आवेदन किया था। जिन छात्रों ने स्कैन कॉपी के लिए फॉर्म नहीं भरा था, उनके स्क्रीन पर ही यह एरर मैसेज दिखाई दे रहा है।
पुनर्मूल्यांकन के बाद मिलने वाले अंक ही होंगे फाइनल
बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों को सचेत किया है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद मिलने वाले नए अंक ही अब अंतिम माने जाएंगे। रीचेकिंग के बाद छात्र के अंक बढ़ भी सकते हैं और घट भी सकते हैं। जो भी नया स्कोर कार्ड बनेगा, वही अंतिम रिजल्ट कार्ड के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
इस अंतिम मूल्यांकन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद शिक्षा बोर्ड सभी संबंधित छात्रों के लिए नई संशोधित मार्कशीट जारी करेगा। छात्र इस नए परिणाम पत्र को डिजिटल लॉकर से डाउनलोड भी कर सकेंगे। इसके अलावा छात्र अपनी ओरिजिनल मार्कशीट को सीधे अपने स्कूल में जाकर भौतिक रूप से प्राप्त कर सकेंगे।
Author: Rashmi Sharma


