Business News: नए सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। बीएसई सेंसेक्स 1,613 अंकों की गिरावट के साथ 75,937 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 भी 461 अंक टूटकर 23,589 पर आ गया।
खोखले वैश्विक संकेत और बिकवाली का दबाव
कारोबार की शुरुआत के साथ ही बाजार में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। ओपनिंग बेल बजते ही सेंसेक्स 1,613.09 अंक (2.08 फीसदी) की गिरावट के साथ 75,937.16 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 461 अंक (1.92 फीसदी) टूटकर 23,589.60 पर खुला। शुक्रवार को सेंसेक्स 918.60 अंक (1.20 फीसदी) चढ़कर 77,550.25 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 275.50 अंक (1.16 फीसदी) की मजबूती के साथ 24,050.60 पर था। इससे पता चलता है कि सप्ताह के अंत तक बनी तेजी उलट गई।
तेल की कीमतें 102 डॉलर के पार
इस गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। जून ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 7.54 फीसदी चढ़कर 102.38 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता में कोई समझौता नहीं हो सका। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकाबंदी का आदेश दे दिया, जिससे दुनिया की लगभग 20 फीसदी तेल आपूर्ति पर खतरा पैदा हो गया।
बैंकिंग, ऑटो और एनर्जी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में खुले। पीएसयू बैंक, रियल्टी और ऑयल एंड गैस शेयरों को सबसे अधिक नुकसान हुआ। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स लगभग 3 फीसदी टूट गया, जबकि निफ्टी ऑटो, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। कारोबार की शुरुआत में निफ्टी पैक में कोई भी शेयर हरे निशान में नहीं था, यानी सभी 50 स्टॉक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
इंडिगो, मारुति और एलएंडटी समेत दिग्गज कंपनियां टूटीं
निफ्टी 50 में सबसे अधिक गिरावट लाने वालों में एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), मारुति सुजुकी और एचडीएफसी बैंक प्रमुख रहे। कारोबार की शुरुआत में ही इन कंपनियों के शेयरों में 3 से 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। सन फार्मा ही एकमात्र ऐसा शेयर रहा जो मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहा था।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों को भी भारी नुकसान
गिरावट का असर केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स दोनों में 2 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। कुल मिलाकर बीएसई पर 2,727 शेयरों में गिरावट आई, जबकि केवल 781 शेयर बढ़त पर थे। इस भारी बिकवाली के चलते निवेशकों को करीब 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
भारत VIX में उछाल, अस्थिरता बढ़ी
बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत VIX, जो निकट भविष्य में अस्थिरता का अनुमान लगाता है, 13.23 फीसदी उछलकर 21.35 पर पहुंच गया। वित्तीय विशेषज्ञों ने कहा है कि इस हफ्ते उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, क्योंकि भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।
रुपया भी 65 पैसे लुढ़का
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा। रुपया डॉलर के मुकाबले 65 पैसे की गिरावट के साथ 93.28 प्रति डॉलर पर खुला। इससे पहले शुक्रवार को यह 92.73 के स्तर पर बंद हुआ था। पिछले 27 सत्रों में लगातार बिकवाली करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 10 अप्रैल को 672 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी, लेकिन तेल की बढ़ती कीमतों के चलते यह खरीदारी अल्पकालिक साबित हो सकती है।


