Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में तबादलों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। उन्होंने बताया कि राज्य में कर्मचारियों के ट्रांसफर केवल तय नीति और प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से ही होते हैं।
मुख्यमंत्री ने सदन में विधायक लोकेंद्र कुमार के एक अहम सवाल का सीधा जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की नीति में आपसी सहमति (म्यूचुअल ट्रांसफर) के आधार पर तबादले का कोई अलग नियम नहीं है। यह जानकारी कई कर्मचारियों के लिए काफी अहम साबित हो सकती है।
राज्य में तबादलों के लिए सरकार ने पहले से ही कुछ सख्त नियम और मापदंड तय किए हैं। ये सभी नियम ‘वृहद मार्गदर्शी सिद्धांत-2013’ के तहत पूरी तरह से अधिसूचित हैं। सरकार इन्हीं नियमों के दायरे में रहकर हर विभाग के कर्मचारियों का ट्रांसफर करती है।
छह महीने में हुए 1171 तबादले, जानिए क्या है सरकार का नियम
विधानसभा में मुख्यमंत्री ने पिछले छह महीनों के तबादलों का पूरा डेटा भी पेश किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुल 1171 कर्मचारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। इन सभी मामलों में संबंधित कर्मचारियों ने आपसी तबादले के लिए अपनी सहमति दी थी।
सीएम सुक्खू ने कहा कि ये सभी म्यूचुअल ट्रांसफर भी मौजूदा नीति के तहत ही किए गए हैं। राज्य सरकार के पास कर्मचारियों की तैनाती और तबादले के पूरे सामान्य प्रशासनिक अधिकार सुरक्षित हैं। सरकार इन अधिकारों का इस्तेमाल हमेशा जनहित और प्रशासनिक सुविधा को देखकर करती है।
कर्मचारियों से मिलने वाले आपसी तबादले के आवेदनों पर सरकार बहुत बारीकी से विचार करती है। हर मामले को उसके गुण-दोष, खाली पदों की स्थिति और प्रशासनिक जरूरत के आधार पर परखा जाता है। इसके बाद ही तय नीति के अनुसार इन आवेदनों पर कोई अंतिम फैसला लिया जाता है।


