Himachal News: केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश समेत पहाड़ी राज्यों की झोली खुशियों से भर दी है। ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना के तहत हिमाचल को 3,920 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट मंजूर हुआ है। केंद्र ने कुल नौ पहाड़ी राज्यों के लिए 25,000 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह मदद ‘विशेष असिस्टेंट टू स्टेट फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट’ (SASCII) के जरिए दी गई है। कर्ज के बोझ तले दबे हिमाचल के लिए यह राशि किसी संजीवनी से कम नहीं मानी जा रही है।
सड़क और स्वास्थ्य परियोजनाओं को मिलेगा नया जीवन
हिमाचल प्रदेश लंबे समय से सीमित संसाधनों और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है। केंद्र से मिली इस बड़ी मदद से राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। अब प्रदेश में रुकी हुई सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी आएगी। राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने के बाद राज्य सरकार वित्तीय संकट का सामना कर रही थी। ऐसे में 3,920 करोड़ रुपये की यह ग्रांट विकास कार्यों के पहियों को नई गति प्रदान करेगी।
कर्ज के जाल और आर्थिक घाटे के बीच मिली राहत
हिमाचल प्रदेश पर इस समय लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ है। RDG बंद होने से राज्य को सालाना करीब 8,000 करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है। इन कठिन परिस्थितियों में केंद्र की यह विशेष मदद राज्य की देनदारियों को संतुलित करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य की बदहाल माली हालत का जिक्र किया था। केंद्र ने पहाड़ी राज्यों की कठिन भौगोलिक चुनौतियों को समझते हुए यह फंड जारी किया है।
पूंजीगत व्यय बढ़ाने पर रहेगा सरकार का जोर
इस विशेष आर्थिक पैकेज का मुख्य उद्देश्य राज्यों में पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को बढ़ावा देना है। कठिन वक्त में मिली इस सहायता से सुक्खू सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने का मौका मिलेगा। केंद्र की ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना का मकसद पहाड़ी इलाकों में विकास की गति को मैदानी इलाकों के बराबर लाना है। इस बजट से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का जाल बिछाने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


