New Delhi News: मानसून के दस्तक देते ही अक्सर घरों में कपड़ों से अजीब सी बदबू आने लगती है। तौलिये जल्दी नहीं सूखते, अलमारी में चिपचिपी नमी जमा हो जाती है और दीवारों पर फफूंदी दिखने लगती है। लोग इन्हें अलग-अलग समस्याएं समझते हैं, लेकिन इन सबकी असली वजह हवा में मौजूद अत्यधिक नमी होती है।
इस मौसम में घर को सूखा और सुरक्षित रखने के लिए डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifier) एक बेहद उपयोगी उपकरण साबित हो सकता है। यह गैजेट घर के वातावरण को पूरी तरह से बदल देता है। आइए होम अप्लायंसेज एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि मानसून के दौरान यह मशीन आपके लिए क्यों जरूरी है और इसे खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Dehumidifier क्या काम करता है और क्यों है बेहद जरूरी?
कई लोग सोचते हैं कि डीह्यूमिडिफायर कमरे को ठंडा करता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसका मुख्य काम हवा में मौजूद अतिरिक्त नमी को सोखना है। यह मशीन हवा से नमी खींचकर उसे पानी के टैंक में जमा करती है या ड्रेनेज पाइप के जरिए सीधे बाहर निकाल देती है। इससे कमरे की सीलन पूरी तरह खत्म हो जाती है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आपके घर में हर साल मानसून के दौरान दीवारों पर फफूंदी या सीलन की समस्या लौट आती है, तो यह हवा में उच्च आर्द्रता (Humidity) का स्पष्ट संकेत है। ऐसी स्थिति में एक अच्छा डीह्यूमिडिफायर लंबे समय तक राहत देने में मदद करता है। इससे कपड़े जल्दी सूखते हैं और अलमारी की बदबू दूर होती है।
कमरे के साइज के हिसाब से कितनी क्षमता का मॉडल चुनें?
डीह्यूमिडिफायर खरीदते समय उसकी नमी सोखने की क्षमता को देखना सबसे महत्वपूर्ण होता है। कंपनियां इस क्षमता को प्रति दिन लीटर (Liters per Day) के हिसाब से बताती हैं। आपको अपने घर के कमरे के आकार और सीलन के स्तर के अनुसार ही सही मॉडल का चुनाव करना चाहिए।
आपकी सुविधा के लिए कमरे के आकार और जरूरत के हिसाब से सही क्षमता की सूची नीचे दी गई है: कमरे का प्रकार और आकार आवश्यक Dehumidifier क्षमता (प्रति दिन) छोटी अलमारी या स्टोरेज एरिया 10 लीटर प्रतिदिन तक की क्षमता छोटे साइज का बेडरूम 10 से 12 लीटर प्रतिदिन की क्षमता सामान्य साइज का बेडरूम 12 से 20 लीटर प्रतिदिन की क्षमता बड़ा लिविंग रूम या गंभीर सीलन 20 लीटर या उससे अधिक की क्षमता
वॉटर टैंक का साइज और ड्रेनेज फीचर भी है महत्वपूर्ण
हवा से निकाली गई सारी नमी पानी बनकर मशीन के इंटरनल टैंक में जमा होती है। यदि टैंक का साइज छोटा होगा, तो बारिश के मौसम में आपको उसे बार-बार खाली करना पड़ेगा। इसी असुविधा से बचने के लिए आजकल के आधुनिक मॉडलों में कंटीन्यूअस ड्रेनेज (Continuous Drainage) का एडवांस फीचर दिया जाता है।
इस फीचर की मदद से मशीन में एक पाइप जोड़ दिया जाता है, जिससे पानी सीधे नाली में बह जाता है। जो लोग रात भर या कई घंटों तक लगातार मशीन चलाना चाहते हैं, उनके लिए यह ड्रेनेज फीचर बहुत काम का साबित होता है। इससे बार-बार टैंक साफ करने का झंझट खत्म हो जाता है।
खरीदते समय इन आधुनिक फीचर्स को दें प्राथमिकता
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, ‘ह्यूमिडिस्टैट’ (Humidistat) इस मशीन का सबसे उपयोगी फीचर है। यह कमरे की नमी के स्तर को खुद मापता है और मशीन को ऑटोमैटिक कंट्रोल करता है। इसके अलावा ऑटो शट-ऑफ (Auto Shut-off), वॉटर लेवल इंडिकेटर और ईजी-टू-क्लीन फिल्टर जैसे जरूरी फीचर्स वाले मॉडल को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।
बाजार में वाई-फाई कनेक्टिविटी, स्मार्टफोन ऐप कंट्रोल और एयर प्यूरिफिकेशन जैसे फीचर्स वाले महंगे मॉडल भी उपलब्ध हैं। ये फीचर्स अतिरिक्त सुविधा जरूर देते हैं, लेकिन हर यूजर के लिए जरूरी नहीं हैं। आपको सबसे पहले सही क्षमता, बिजली की कम खपत और मजबूत नमी नियंत्रण पर ही अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
Dehumidifier और AC में क्या अंतर है? कौन है बेहतर?
अक्सर लोग मानते हैं कि एयर कंडीशनर (AC) चलाने से भी कमरे की नमी दूर हो जाती है। हालांकि एसी कुछ हद तक नमी कम करता है, लेकिन उसका मुख्य काम कमरे के तापमान को कम करना यानी कूलिंग करना होता है। दूसरी तरफ, डीह्यूमिडिफायर को विशेष रूप से केवल नमी को नियंत्रित करने के लिए ही डिजाइन किया गया है।
यदि आपके घर में ठंडक की जरूरत नहीं है और समस्या सिर्फ सीलन, दुर्गंध, फफूंदी तथा चिपचिपाहट की है, तो डीह्यूमिडिफायर एक अधिक प्रभावी विकल्प है। यह एसी के मुकाबले काफी कम बिजली की खपत करता है। सही क्षमता का मॉडल चुनकर आप मानसून में भी अपने घर को सूखा और बैक्टीरिया मुक्त रख सकते हैं।
Author: Karuna Sen


