Himachal Pradesh News: राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित राज्यव्यापी महा मॉक ड्रिल में बड़ी कमियां उजागर हुई हैं। सोमवार को हुए इस अभ्यास के दौरान कई संवेदनशील जगहों पर रिस्पांस टाइम बहुत अधिक लगा। विभिन्न सरकारी विभागों के बीच आपसी तालमेल और बेहतर समन्वय की भारी कमी साफ दिखाई दी।
राजधानी शिमला के भारी ट्रैफिक जाम में फंसी एंबुलेंस
शिमला में आयोजित विशेष अभ्यास के दौरान मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली आपातकालीन एंबुलेंस को पहुंचने में 15 से 20 मिनट की गंभीर देरी हुई। सब्जी मंडी क्षेत्र से डीडीयू अस्पताल तक जाने वाले मार्ग पर भारी जाम होने के कारण राहत कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ।
भूकंप और बादल फटने जैसी काल्पनिक आपदाओं की परख
सूबे में भूकंप, बादल फटने, अचानक बाढ़, भूस्खलन और वनों की आग जैसी भीषण आपदाओं से निपटने के लिए यह बड़ा अभ्यास हुआ। इस अभ्यास का नेतृत्व मेजर जनरल सेवानिवृत्त सुधीर बहल और विशेष सचिव डाक्टर पुष्पेंद्र राणा ने किया। सुबह नौ बजे ही आपातकालीन संचालन केंद्र सक्रिय किए गए।
कुल्लू और किन्नौर जिलों में ग्लेशियल लेक फटने का अभ्यास
प्रशासन ने कुल्लू और किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड तथा आफ्टरशाक की काल्पनिक परिस्थितियां बनाईं। दिन और रात दोनों चरणों में आयोजित इस अभ्यास में जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एनडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय समुदायों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
महत्वपूर्ण सूचनाओं के आदान-प्रदान में दर्ज की गई बड़ी देरी
सकारात्मक सामुदायिक भागीदारी के बावजूद निरीक्षण के दौरान कुछ बहुत महत्वपूर्ण कमियां भी सामने आईं। कई जिलों में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच जरूरी तालमेल नहीं दिखा। कुछ प्रमुख स्थानों पर संचार व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और आवश्यक सूचनाओं के आदान-प्रदान में देरी दर्ज की गई।
सभी जिलों को आपातकालीन चिकित्सा संसाधन बढ़ाने के सख्त निर्देश
इस बड़े अभ्यास के बाद सभी जिलों को चिकित्सा क्षेत्र में बिस्तरों की संख्या और संसाधन बढ़ाने के सख्त निर्देश मिले हैं। प्रशासन को जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं को नियमित अपडेट करने, यातायात निकासी तंत्र मजबूत करने तथा आधुनिक संचार प्रणाली को अधिक सक्षम बनाने के लिए कहा गया है।
Reported By: Shilla Bhatia


