बिना वीजा और लाखों खर्च किए भारत में लें स्विट्जरलैंड का मजा, इस जन्नत के आगे फेल हैं विदेशी वादियां

Travel News: स्विट्जरलैंड अपनी बेहद खूबसूरत वादियों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। हर किसी का सपना होता है कि वह जीवन में एक बार इस खूबसूरत देश की सैर जरूर करे। लेकिन अब आपको वहां जाने के लिए लाखों रुपये खर्च करने और वीजा के झंझट की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

भारत में ही एक ऐसी अद्भुत जगह मौजूद है, जो हूबहू स्विट्जरलैंड जैसी दिखाई देती है। हम बात कर रहे हैं हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन खज्जियार की। इसे आधिकारिक तौर पर भारत का ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ भी कहा जाता है।

यह खूबसूरत पर्यटन स्थल समुद्र तल से लगभग 6,500 फीट की ऊंचाई पर बसा हुआ है। खज्जियार अपने विशाल हरे-भरे घास के मैदानों, घने देवदार के जंगलों और एक बेहद खूबसूरत प्राकृतिक झील के लिए दुनिया भर के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

आखिर क्यों मिला मिनी स्विट्जरलैंड का नाम?

खज्जियार को यह खास नाम मिलने के पीछे एक बेहद दिलचस्प कहानी है। 7 जुलाई 1992 को स्विट्जरलैंड के तत्कालीन वाइस-काउंसलर विली पी. ब्लेजर यहां घूमने आए थे। वे यहां की बेमिसाल खूबसूरती और भौगोलिक बनावट को देखकर पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गए थे।

उन्होंने ही खज्जियार को मिनी स्विट्जरलैंड का अनोखा खिताब दिया था। ब्लेजर ने यहां एक विशेष साइनबोर्ड भी लगाया था, जो आज भी पर्यटकों को बताता है कि स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न यहां से कितनी दूरी पर स्थित है। यह दुनिया की चुनिंदा खूबसूरत जगहों में से एक है।

खज्जियार में घूमने की सबसे खूबसूरत जगहें

यहां के विशाल मैदान के ठीक बीच में एक बेहद खूबसूरत और शांत प्राकृतिक झील स्थित है। इसके चारों ओर फैली मखमली हरियाली और झील का साफ पानी पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब होने का एक अनूठा और सुकून भरा एहसास करवाता है।

प्रकृति प्रेमियों के लिए यहां की कालाटॉप वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी एक बेहतरीन जगह है। इस घने जंगल में ब्लैक बीयर, चीता और हिरन सहित कई दुर्लभ वन्यजीव रहते हैं। इसके अलावा एडवेंचर के शौकीनों के लिए डैनकुंड पीक भी मौजूद है, जहां से पूरी घाटी का विहंगम नजारा दिखता है।

धार्मिक महत्व की बात करें तो झील से कुछ ही दूरी पर 12वीं शताब्दी का ऐतिहासिक खज्जी नाग मंदिर स्थित है। यह प्राचीन मंदिर पूरी तरह से नाग देव को समर्पित है। लकड़ी से बनी इस मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला पर्यटकों को काफी ज्यादा आकर्षित करती है।

सफर को मजेदार बनाने के लिए जरूरी टिप्स

खज्जियार घूमने के लिए मार्च से जून तक का समय सबसे बेहतरीन माना जाता है। इस दौरान चारों ओर हरियाली की चादर बिछी होती है। अगर आप बर्फबारी देखने के शौकीन हैं, तो आपको दिसंबर से फरवरी के बीच यहां की यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

यहां आने वाले पर्यटक जॉर्बिंग, पैराग्लाइडिंग, घुड़सवारी और ट्रैकिंग जैसी कई रोमांचक गतिविधियों का जमकर आनंद ले सकते हैं। एक जरूरी बात याद रखें कि गर्मियों के मौसम में भी अपने साथ एक हल्की जैकेट जरूर लाएं, क्योंकि यहां शाम होते ही काफी ठंड बढ़ जाती है।

जानिए खज्जियार पहुंचने का सबसे आसान रास्ता

हवाई मार्ग से आने वाले पर्यटकों के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट कांगड़ा का गगल एयरपोर्ट है, जो खज्जियार से लगभग 130 किलोमीटर दूर है। रेल मार्ग के लिए आपको पठानकोट स्टेशन उतरना होगा, जहां से आप टैक्सी या बस के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं।

अगर आप सड़क मार्ग से यात्रा करना चाहते हैं, तो खज्जियार मशहूर पर्यटन स्थल डलहौजी से महज 22 किलोमीटर की दूरी पर है। डलहौजी के लिए देश के कई प्रमुख शहरों से नियमित बस और कार सेवाएं आसानी से उपलब्ध रहती हैं, जिससे सफर बेहद आरामदायक हो जाता है।

Author: Sunita Gupta

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