Delhi News: सोशल मीडिया पर वायरल हुई उपभोक्ताओं की गंभीर शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने नेस्ले इंडिया, केएफसी इंडिया और फ्लिपकार्ट को कड़ा नोटिस जारी किया है। नियामक ने इन सभी नामचीन कंपनियों से उत्पादों की खराब गुणवत्ता और स्वच्छता से जुड़े मामलों पर तुरंत स्पष्टीकरण मांगा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं कई शिकायतें
सूत्रों के अनुसार, विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई तरह की शिकायतें तेजी से सामने आई थीं। इनमें मशहूर मैगी नूडल्स के एक पैकेट में कथित गंदगी मिलने का दावा किया गया था। इसके अलावा फ्लिपकार्ट मिनट्स ऐप के जरिए मंगाए गए खाने के सामान में कीड़े मिलने की भी बात कही गई थी।
आंध्र प्रदेश के केएफसी आउटलेट पर भी उठे सवाल
इन वायरल पोस्ट्स में आंध्र प्रदेश स्थित केएफसी के एक आउटलेट में भारी गंदगी और साफ-सफाई की कमी के गंभीर आरोप भी शामिल थे। इन सभी डिजिटल शिकायतों के आधार पर एफएसएसएआई ने तुरंत स्वतः संज्ञान लिया। नियामक ने बिना कोई देरी किए तीनों संबंधित कंपनियों को कारण बताओ नोटिस भेज दिया।
नेस्ले इंडिया ने सभी आरोपों को बताया निराधार
नेस्ले इंडिया ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी ने कहा कि शिकायत से जुड़ा दूषित नमूना उन्हें अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसके अलावा शिकायत करने वाले ग्राहक से भी उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे सच सामने आ सके।
सख्त गुणवत्ता मानकों के तहत होता है उत्पादन
कंपनी के अनुसार, उन्होंने संबंधित बैच और खुले बाजार से खुद कई सैंपल लेकर लैब टेस्ट कराए हैं। उन्होंने सभी जरूरी रिपोर्ट और दस्तावेज खाद्य नियामक को सौंप दिए हैं। कंपनी का दावा है कि उनकी फैक्ट्री में उत्पादन प्रक्रिया बेहद सख्त क्वालिटी और फूड सेफ्टी मानकों के तहत संचालित होती है।
स्वतंत्र जांच में साफ आई नेस्ले की रिपोर्ट
नेस्ले प्रबंधन ने साफ कहा कि उनके स्वतंत्र परीक्षणों में किसी भी प्रकार के संक्रमण या गुणवत्ता संबंधी समस्या की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी वे नियामक के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। कंपनी ने ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि उनके डिब्बाबंद उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ हैं।
फ्लिपकार्ट मिनट्स ने शुरू की आंतरिक जांच प्रक्रिया
मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, फ्लिपकार्ट मिनट्स ने इस घटना के बाद संबंधित वेंडर से तुरंत संपर्क साधा है। कंपनी की टीम ने पूरी घटना के असली कारणों की पड़ताल करते हुए अपनी आंतरिक जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। उन्होंने अपना विस्तृत जवाब और रिपोर्ट एफएसएसएआई को भेज दिया है।
केएफसी इंडिया के आधिकारिक बयान का है इंतजार
इस पूरे विवाद पर केएफसी इंडिया की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी नहीं की गई थी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सरकारी नियामक द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद कंपनी का कानूनी दल जल्द ही अपना पक्ष और जवाब सबके सामने रख सकता है।
दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। एफएसएसएआई तीनों बड़ी कंपनियों से प्राप्त जवाब, वेंडर की जांच रिपोर्ट और उपलब्ध अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से समीक्षा करेगा। इसके बाद ही फूड रेगुलेटर यह तय करेगा कि इन कंपनियों के खिलाफ आगे क्या दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
Author: Rajesh Kumar


