बिहार में सुरक्षा कटौती के बाद अब सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, क्या लालू-राबड़ी का नया ठिकाना बनेगी जेल?

Patna News: बिहार की सियासत में लालू प्रसाद यादव के परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। नीतीश सरकार द्वारा जेड-प्लस सुरक्षा कवर हटाए जाने के बाद अब नया विवाद शुरू हो गया है। सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का कड़ा निर्देश जारी किया है।

इस बड़े फैसले के तुरंत बाद लालू परिवार ने अपने पटना स्थित सरकारी आवास पर तैनात सुरक्षा प्रोटोकॉल के सभी बचे हुए जवानों को वापस भेज दिया है। ’10 सर्कुलर रोड’ के बाहर अब सन्नाटा पसरा है। सुरक्षाकर्मियों की वापसी से राज्य के राजनीतिक गलियारों में भयंकर कोहराम मच गया है।

लालू परिवार को बंगला खाली करने का अल्टीमेटम

नीतीश-सम्राट सरकार ने लालू परिवार को यह ऐतिहासिक आवास खाली करने के लिए 15 जून तक की मोहलत दी है। प्रशासन ने 15 दिनों का यह सख्त अल्टीमेटम नए मंत्री को आवास आवंटित होने के बाद दिया है। इस फैसले से राष्ट्रीय जनता दल के समर्थकों में भारी आक्रोश है।

बिहार सरकार ने ’10 सर्कुलर रोड’ स्थित इस आलीशान बंगले को अब सूबे के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम के नाम आवंटित कर दिया है। गृह विभाग के आधिकारिक नोटिस के मुताबिक लालू परिवार को इस आलीशान परिसर को निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में खाली करना होगा।

राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते पहले ही नया आवास मिल चुका है। सरकार ने उन्हें हार्डिंग रोड पर एक वैकल्पिक सरकारी बंगला अलॉट किया है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अभी तक अपने नए आधिकारिक आवास में शिफ्ट होने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है।

पुलिस फोर्स बुला लें लेकिन बंगला खाली नहीं करूंगी

इस बेदखली नोटिस पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने मीडिया के सामने दोटूक लहजे में कहा कि सरकार जगह खाली कराने के लिए चाहे तो पुलिस फोर्स बुला सकती है। वे किसी भी कीमत पर इस ऐतिहासिक आवास को खाली करने के लिए तैयार नहीं हैं।

दूसरी तरफ बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आरजेडी नेतृत्व पर तीखा जुबानी हमला बोला है। शेखपुरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास कभी किसी की व्यक्तिगत जागीर नहीं हो सकता। सरकारी संपत्तियों को कोई भी नेता अपनी पैतृक संपत्ति मानने की भूल बिल्कुल न करे।

उपमुख्यमंत्री ने अपना खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि कार्यकाल खत्म होने के महज 24 घंटे के भीतर वे खुद सरकारी घर छोड़ देते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी आवास सिर्फ आधिकारिक उपयोग के लिए होते हैं। अब देखना होगा कि 15 जून को यह टकराव क्या नया मोड़ लेता है।

क्यों बेहद खास है ’10 सर्कुलर रोड’?

पटना का यह खास बंगला पिछले कई दशकों से राष्ट्रीय जनता दल की राजनीति का मुख्य केंद्र रहा है। राबड़ी देवी ने बिहार की मुख्यमंत्री रहते हुए इसी आवास से पूरी सरकार चलाई थी। इस वजह से आरजेडी कार्यकर्ताओं और लालू परिवार के लिए इसका गहरा भावनात्मक और राजनीतिक महत्व है।

लालू प्रसाद यादव ने भी अपनी पार्टी की बड़ी रणनीतियां इसी बंगले के भीतर तैयार की थीं। सरकार के इस कड़े कदम को आरजेडी नेता बदले की राजनीति बता रहे हैं। जून के मध्य में जब इस अल्टीमेटम की अवधि खत्म होगी, तब पटना की सड़कों पर बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल सकता है।

Author: Harikarishan Sharma

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories